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Kathua News: चौबीस घंटे में 22.5 एमएम बारिश से भीगा जिला, पहाड़ों पर एक फुट तक बर्फबारी

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भारी बारिश से जलमग्न हुई शहर की सड़कें। संवाद
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- कहीं सड़क संपर्क भंग तो कहीं जलभराव से जनजीवन हुआ प्रभावित
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-आज भी मौसम खराब रहने का अनुमान


संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के पहाड़ी इलाकों में सुबह से ही तेज बारिश जारी रही, वहीं दूरदराज इलाकों में दोपहर 12 बजे के बाद बर्फबारी शुरू हो गई। मैदानी इलाकों में दोपहर बाद लगी बारिश की झड़ी ने सामान्य जनजीवन प्रभावित किया। शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं तो वहीं पहाड़ी इलाकों में पस्सियां खिसकने और फिसलन से सड़क यातायात आंशिक रूप से प्रभावित रहा।
वीरवार सुबह मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी का दौर सुबह लगभग आठ बजे शुरू हुआ जो दोपहर बाद तेज बारिश में बदल गया। देखते ही देखते हाईवे समेत शहर की सड़कों पर भी कई जगह जलभराव की समस्या बन गई। जिला सचिवालय के बाहर एक बार फिर सड़क तालाब बनी तो वहीं जिला जेल से कुछ दूरी पर भी जलभराव के बीच राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम होते तक बारिश ने और जोर पकड़ लिया। देर रात तक 25 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी थी।
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उधर, दोपहर एक बजे के बाद लोहाई मल्हार और ढग्गर से सटी पहाड़ी चोटियों पर हिमपात शुरू हुआ। नुकनाली, कैलाश कुंड, छत्रगलां और सरथल में भी बर्फबारी हुई है। हालांकि बीच में बारिश गिरने से बर्फ पिघलने का सिलसिला भी चलता रहा। रात तक लोहाई मल्हार और बनी की पहाड़ी चोटियों पर एक फुट तक बर्फबारी रिकार्ड की जा चुकी थी। बारिश जारी रहने से कई जगह बिजली लाइनों में भी फाल्ट आए हैं।
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पस्सियां खिसकने से ठप हुआ बनी-दौला मार्ग, यात्रियों समेत फंसी बस, सेना बनी देवदूत

बनी के दूरदराज दौला क्षेत्र को जोड़ने वाले लिंक मार्ग पर भारी बारिश के बीच पस्सियां खिसकने से यात्रियों सहित मिनी बस फंस गई। इस बीच, सेना की ओर से अभियान चलाया गया। जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद पस्सियां हटाकर मार्ग को सुचारू किया और वाहन को अपने गंतव्य की ओर रवाना कर दिया।
वीरवार को क्षेत्र में तैनात सेना के जवान कई लोगों के लिए देवदूत बनकर सामने आए। अपने काम से मिनी बस में सवार होकर जा रहे लोगों उस समय परेशान हो गए जब उनका वाहन बनी-दौला मार्ग पर पस्सियाें के बीच फंस गया। उधर, गश्त पर निकली सेना की पार्टी को जैसे ही जानकारी मिली उन्होंने पस्सियों को हटाकर यातायात बहाल करने के लिए प्रयास शुरू किया।
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कड़ी मशक्कत और फिर जेसीबी की मदद से सड़क से मलबा हटा लिया गया। जिसके बाद यातायात बहाल हुआ। स्थानीय लोगों ने सेना का आभार जताया। यह पहला मामला नहीं है बीते साल इलाके में हुए सड़क हादसे के बाद भी सेना के जवानों ने घायलों को खाई से निकालने और समय पर इलाज के लिए भेजने में मदद की थी।
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