कठुआ। शहर के वार्ड 7 में सार्वजनिक स्थल पर लगे हैंडपंप को लेकर बाजार के दुुकानदार और पार्षद आमने सामने आ गए हैं। इसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया है। दुकानदार वर्ग जहां हैंडपंप लगाए जाने की मांग करता रहा, वहीं पार्षद ने भी कड़ा रवैया अपनाते हुए हैंडपंप न लगने देने की बात कही। जिसके चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई, और दुकानदार पार्षद के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे।
इस संबंध में प्रदर्शन कर रहे दुकानदार मोहिंदर सिंह का कहना था कि वार्ड 7 स्थित इस सार्वजनिक स्थल पर दशकों से हैंडपंप लगा हुआ था। लेकिन, चंद दुकानदारों के विरोध के बाद हैंडपंप को हटा दिया गया। इससे लोगों को अब वहां पर पेयजल की दिक्कत होती है। इसी को देखते हुए दुकानदारों ने नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से दोबारा हैंडपंप लगाए जाने की मांग की थी।
उन्होंने बताया कि जगह का जायजा लेने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अबरोल वहां आए हुए थे। लेकिन, इसी बीच वार्ड 7 के पार्षद अनिरुद्ध शर्मा भी वहां आ गए, और उन्होंने हैंडपंप लगाए जाने के मामले में आसपास के चंद दुकानदारों को फायदा देने के लिए लोगों की मांग को अस्वीकार किया। ऐसे हालात में उनके पास पार्षद का विरोध करने के अलावा कोई और चारा नहीं था।
मोहिंदर सिंह ने कहा कि बाजार में जिस स्थान पर हैंडपंप लगा था, उससे केवल वार्ड नंबर 7 के लोग ही नहीं, बल्कि आने जाने वाले लोग भी वहां पानी पीते थे। ऐसे में पार्षद का विरोध किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता। अगर पार्षद उस स्थान पर हैंडपंप लगाने में सहयोग नहीं करेंगे, तो वह इस संबंध में उपायुक्त से मिलकर अपनी फरियाद रखेंगे।
इस बारे में वार्ड सात के पार्षद अनिरुद्ध शर्मा का कहना है कि जिस स्थान पर हैंडपंप लगा था, वहां ऊपर बरगद का पेड़ है। जिससे गिरने वाली पत्तियां हैंडपंप की नाली को अक्सर जाम कर देती थीं, और आसपास पानी और कीचड़ जमा हो जाता था। इससे वहां के दुकानदारों को परेशानी होती थी। इसलिए, उन्होंने हैंडपंप को हटवाया था। उन दुकानदारों की मांग भी जायज है, क्योंकि कीचड़ हो जाने की स्थिति में वहां कोई भी ग्राहक रुकना पसंद नहीं करता। उन्होंने कहा कि वार्ड के अंदर लोगों की भलाई के लिए जो भी करना पड़ेगा, वह करेंगे।