हीरानगर। हीरानगर सब डिवीजन में बिजली का संकट बढ़ता ही जा रहा है। धरने प्रदर्शनों का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार को सांझी मोड़ में सैकड़ों लोगों ने ओल्ड सांबा कठुआ रोड को बंद कर लगभग चार घंटे विद्युत विभाग के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई पंचायतों के पंचों सरपंचों के अलावा सैकड़ों की संख्या में किसान भी मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहली बार इस वर्ष विद्युत विभाग की ओर से इस तरह से बिजली कटौती की गई। किसान खेतों में पानी ना लगा सकें उसके लिए कुछ मिनट बिजली देखकर सप्लाई बंद कर दी जाती है। धरने में शामिल सरपंच विनय शर्मा, सरपंच राकेश चौधरी, सरपंच करण कुमार आदि ने कहा कि विभाग की ओर से अंधाधुंध बिजली कटौती की जा रही है। लोगों को 24 घंटों में मात्र पांच-छह घंटे ही बिजली मिल रही है। यह सिलसिला कोई नया नहीं है बल्कि पिछले डेढ़ से दो महीनों से ऐसा ही हो रहा है। कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचित किया लेकिन उन्होंने हर बार की तरह टालमटोल करने का ही काम किया। बिजली कटौती के कारण लोगों को गर्मी में परेशान तो होना पड़ रहा है इसके साथ साथ कई इलाकों में धान की फसल की रोपाई नहीं हो पाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा शाम ढलते ही लगभग सभी सीमावर्ती गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। जहां एक तरफ अमरनाथ यात्रा के चलते हर जगह सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है वहीं सीमावर्ती इलाकों में रात के समय बिजली कटौती संदेह पैदा करती।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि इस इलाके में बिजली संकट दूर करने के लिए मढ़ीन पावर स्टेशन पर 10 एमवी ट्रांसफार्मर सैंक्शन होने की मात्र अफवाह पर भाजपा के कुछ नेता व कार्यकर्ताओं ने लड्डू तक बांट दिए, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं हुआ। धरने के दौरान कुछ किसान धान की पनीरी लेकर भी यहां पहुंचे और कहा विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण खेतों में रोपाई नहीं हो पा रही। लगभग 4 घंटे तक चले इस धरने के बाद विद्युत विभाग और पुलिस के अधिकारी लोगों में पहुंचे। लोगों की समस्या सुनने के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कुछ दिनों का समय मांगा और कहा उक्त पावर स्टेशन पर जल्द बढ़ा ट्रांसफार्मर इंस्टॉल कर दिया जाएगा।
जिस पर प्रदर्शनकारियों ने उन्हें चेतावनी दी कि अगर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया आज का धरना ओल्ड सांबा कठुआ रूट पर दिया गया है। जबकि अगला धरना नेशनल हाईवे पर होगा।