हीरानगर। उपजिला अस्पताल में 20 साल से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। इसे चलाने के लिए आज तक स्वास्थ्य विभाग रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं कर पाया है। विडंबना यह है कि मरीजों को अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे करवाने के लिए कठुआ व अन्य जिलों के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। लोगों में इस अव्यवस्था पर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष है और चेतावनी दी है कि जल्द स्टाफ की तैनाती नहीं की तो प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
सोमवार को सामाजिक इंसाफ मंच ने कस्बे में समस्या को लेकर बैठक की और लोगों को इसके समाधान के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। मंच के अध्यक्ष बीएल कांडले ने कहा कि 2002 में सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई थी, लेकिन इसे ऑपरेट करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने से यह मशीन शोपीस बनकर रह गई है। ज्यादातर ग्रामीण इलाकों के लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। लेकिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से उन्हें मजबूरन कठुआ, सांबा या जम्मू जाना पड़ता है, जिसके लिए समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं मिली तो प्रदर्शन शुरू करेंगे। बैठक में पर स्वर्ण सिंह, सुरेश शर्मा, नीरज शर्मा, रविंद्र कुमार सहित अन्य लोग आदि मौजूद रहे।
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उपजिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का कोई पद नहीं है। कई बार उच्च अधिकारियों से यहां डीएमआरडी या एमडी रेडियोलॉजी स्वास्थ्य अधिकारी उपलब्ध कराने के लिए लिखित में मांग कर चुके हैं। ब्लॉक दिवस पर भी इस मसले को कई बार उठाया जा चुका है और इस बारे में उच्च अधिकारियों को जानकारी देते रहे हैं।
-डॉ. स्वामी शरण अंजल, बीएमओ