बिलावर में स्थापित क्वारंटीन सेंटर को सेनिटाइजेशन करते हुए कर्मचारी।
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कठुआ। कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रशासन के इंतजाम अब सिरे चढ़ते नजर नहीं आ रहे। एक ओर जहां अब तक जम्मू देश में कोरोना सैंपलिंग के लिहाज से पहले स्थान पर रहा है, वहीं अचानक इस पर ब्रेक लग गई है। कठुआ जिले में प्रतिदिन होने वाली लगभग 800 लोगों की सैंपलिंग घटकर अब 250 कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसका बड़ा कारण पूर्व में भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट अब तक न पहुंचना है। ऐसे में लगातार लिए जा रहे सैंपलों को संभाल पाना भी मुश्किल होता जा रहा है।
28 मई से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट अब तक नहीं मिल पाई है। ऐसे में क्वारंटीन किए लोग भी परेशान हो रहे हैं। खासकर पेड़ क्वारंटीन की सुविधा लेने वालों के लिए प्रतिदिन डेढ़ हजार रुपये से अधिक चुकाने के साथ हफ्ते भर का इंतजार महंगा पड़ रहा है। बुधवार को एक पेड क्वारंटीन के 19 लोगों को ऐसे ही दरबदर होना पड़ा। पहले उन्हें जीएमसी कठुआ भेजा गया, जहां से उन्हें लौटा दिया। इसके बाद नोडल अधिकारी ने उन्हें लखनपुर भेजा, जहां उन्हें इंटरनेट न चलने की बात बताई गई, नगरी परोल के सैंपलिंग सेंटर से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इस बीच प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम भी काम नहीं कर पा रहे हैं। हाल ही में सामने आए कोरोना पॉजिटिव मामलों के संपर्क में आए कई लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके आधार पर उनके अगले संपर्क भी तलाशे जाने हैं। जिले में बीते 27 दिन में 79 मामले सामने आए हैं, जिनमें से डेढ़ दर्जन ऐसे मामले हैं जो रिपोर्ट आने से पहले ही घरों को भेजे जा चुके थे। ऐसे में ये हालात प्रशासन के साथ-साथ सामुदायिक संक्रमण को फैलने से रोकने में कतई सहायक नहीं होने वाले हैं। प्राप्त जिले से अब तक 21868 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें 80 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें से 53 मामले सक्रिय हैं। 27 मरीज स्वस्थ होकर घर भेजे जा चुके हैं।
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फिलहाल जिले से रूटीन में लिए जा रहे सैंपलों की संख्या को कम किया गया है। औसतन 250 सैंपल कठुआ से लिए जा रहे हैं। इससे पहले भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट अभी लंबित है। जैसे ही रिपोर्ट आने का सिलसिला तेज होगा, सैंपलिंग को भी बढ़ाया जाएगा।
डॉ. अशोक चौधरी, सीएमओ कठुआ।