प्रदेश में सबसे बड़ा आलू फार्म नत्थाटॉप में लेकिन बीमार
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और नीमाटोड बीमारी से आलू का बीज तैयार करने में चुनौतियां पेश आ रही हैं। सरथल फार्म से बड़ी राहत मिल सकती है। प्रदेश में सबसे बड़ा आलू बीज फार्म नत्थाटॉप के पास है। रामबन में भी दो छोटे फार्म हैं। 70 के दशक में नत्थाटॉप में बनाए गए फार्म से तैयार होने वाले आलू के बीज की पूरे प्रदेश में आपूर्ति होती थी लेकिन पिछले कुछ वर्षों से नीमाटोड बीमारी से उत्पादन लगातार गिरता जा रहा है। बनी तहसील के सरथल इलाके की समुद्रतल से ऊंचाई 2500 मीटर है।
इस क्षेत्र में किसी तरह की बीमारी भी नहीं है। ऐसे वातावरण में आलू की अच्छी किस्म का सर्वश्रेष्ठ बीज तैयार करना आसान होगा। एक तरफ सरकारी फार्म पर बीज तैयार होगा वहीं आसपास के किसानों को भी इससे बड़े स्तर पर लाभ मिलेगा। नत्थाटॉप में आलू फार्म जिस जगह पर है वहां पर धुंध रहती है। तेज हवा का भी असर रहता है। इसे विंडवर्ड साइड कहा जाता है। फसल पर फूल खिलने के दौरान मौसम की ऐसी परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं। हिमाचल में कुफरी की साइट लीवर्ड साइड पर है जहां धूप खिली रहती है और तेज हवाओं के साथ धुंध का असर नहीं रहता। बीज की खेती के लिए यह सबसे अनुकूल होता है। सरथल की भौगोलिक परिस्थितियां भी लीवर्ड साइड हैं।
सरथल में 110 कनाल पर आलू फार्म को तैयार किया जा रहा है। दस करोड़ की परियोजना तीन हिस्सों में है जिसमें ढांचे का काम जारी है। मिट्टी तैयार करने का काम और मशीनरी और उपकरण खरीदने का काम किया जाना है। परियोजना में अब तक 2.88 करोड़ और 95 लाख की राशि हासिल हुई है जिससे काम करवाया गया है। सरकार एकमुश्त शेष राशि जारी करती है तो इसी वित्तीय वर्ष में परियोजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। -जितेंद्र कुमार खजूरिया, मुख्य कृषि अधिकारी, कठुआ