बिलावर। उपमंडल के बेरोजगार पोस्टग्रेजुएट युवाओं और युवतियों ने सरकार से बेरोजगारी भत्ता जारी करने की मांग की है। अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके देवल गांव के सचिन ने बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी जिसके बाद आज तक उनकी नौकरी नहीं लग पाई है। बिलावर रूरल पंचायत के सुधीर सिंह ने बताया के वर्ष 2016 में उन्होंने फिजिक्स मे पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की थी जिसके बाद उन्होंने कई जगह पर आवेदन की है लेकिन उन्हें आज तक नौकरी नहीं मिल पाई जिससे वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
किशनपुर गांव की ग्रहणी मीनू शर्मा ने बताया कि वर्ष 2015 में उन्होंने हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की थी जिसके बाद उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की लेकिन आज तक सरकारी नौकरी नहीं मिल पाई है, जिससे उन्हें इतनी पढ़ाई करने का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है और वह पिछले 6 वर्षों से घर पर बेरोजगार बैठी हैं। भडडू गांव के निवासी बेरोजगार युवा आदित्य गोस्वामी ने बताया उन्होंने वर्ष 2018 में इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी लेकिन आज तक उन्हें सरकारी या किसी निजी सेक्टर में नौकरी नहीं मिल पाई है। युवा राहील गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार की ओर से जम्मू कश्मीर के सभी पोस्ट ग्रेजुएट युवा और युवतियों का आकलन किया गया था जिससे उन्हें उम्मीद बंधी थी कि सरकार बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देगी लेकिन सरकार की ओर से आज तक इस संबंध में कोई भी कदम नहीं उठाया गया। उपमंडल बिलावर के पोस्ट ग्रेजुएट युवा और युवतियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके लोगों के लिए बेरोजगारी भत्ता जारी किया जाए जिससे उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने इस संबंध में जम्मू-कश्मीर प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से संज्ञान लेने की मांग की है।