पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थी। संवाद
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पुलिस की पाठशाला में बोले डीएसपी अश्विनी कुमार शर्मा
कठुआ। पुलिस समाज के हर वर्ग को सुरक्षित रखने का घेरा है। एक आम आदमी और एक पुलिस कर्मचारी या अधिकारी में केवल वर्दी पहनने का अंतर है। समाज में पुलिस को लेकर भ्रांतियों से लोगों और पुलिस के बीच जो अंतर है उसे कम किया जाना जरूरी है।
लोगों को यह समझना जरूरी है कि पुलिस केवल अपराधियों के लिए बुरी है और आम लोगों के सहयोग से समाज को बेहतर बनाने के लिए तैयार की जाती है। नए कानून भी इसमें सहयोगी हैं। यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजबाग के मनु शिक्षा केंद्र में आयोजित पुलिस की पाठशाला के दौरान डीएसपी ऑपरेशन अश्विनी कुमार शर्मा ने कही।
उन्होंने विद्यार्थियों को कोई भी संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया या फोन से किसी से साझा न करने की हिदायत दी। बच्चों को बताया कि साइबर अपराधी इन दिनों ठगी के लिए नए हथकंड़े अपना रहे हैं। डीएसपी ने बताया कि स्मार्टफोन में हमें जितनी सुलभता दी है उससे ज्यादा हमारी व्यक्तिगत जानकारियों को भी अनावृत कर दिया है। ऐसे में इसका इस्तेमाल सोच समझकर करना चाहिए। उन्होंने साइबर संबंधित अपराध की स्थिति में नजदीकी पुलिस थाने, साइबर सेल या फिर ऑनलाइन जल्द से जल्द इसकी रिपोर्ट करने की हिदायत भी दी।
उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस अपराधियों और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ काम कर रही है। नशा समाज को खोखला करने का काम कर रहा है। इसे शुरुआती दौर में मुफ्त या सुलभता से उपलब्ध करवाकर युवाओं का भविष्य खराब किया जा रहा है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि नशे से जुड़े मामलों की पुलिस को रिपोर्ट करें, पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने बच्चों को पुलिस में भर्ती होने और देश सेवा के लिए आगे आने को प्रेरित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूल चेयरपर्सन किरण परोच और प्रधानाचार्य नरेश कुमार ने अतिथि का बुके देकर स्वागत किया। चेयरपर्सन किरण परोच ने कहा कि आम तौर पर पुलिस से रूबरू होने का बच्चों को समय नहीं मिल पाता है।