- 4.10 करोड़ की लागत से होने जा रहा निर्माण
- शेड, दुकानों, वेटिंग शेड, चौकीदार क्वार्टर की भी रहेगी सुविधा
कठुआ। जिले में कृषि विकास को प्रोत्साहन देने के लिए जखबड़ में पहली पक्की आधुनिक मंडी के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई। जिले की यह दूसरी पक्की और आधुनिक सुविधाओं से लैस पहली अनाज मंडी बनने जा रही है।
यह योजना राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तहत विकसित की जा रही मंडी का निर्माण अगले दो साल में कर लिया जाएगा है। 19 कनाल और 6 मरला भूमि पर होने वाले इस निर्माण में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए 100x50 फीट का शेड, चार पक्की दुकानें, फार्मर वेटिंग शेड, चौकीदार क्वार्टर की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके लिए 4,10,34000 रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जिले में बनने वाली दूसरी पक्की मंडी के पांच साल पहले बनी भागथली की मंडी से ज्यादा आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाई जाएगी।
बता दें कि धान और गेंहू जैसी फसल के उत्पादन में अग्रणी कठुआ जिले में हर साल 11 मंडियां खोली जाती हैं। इसमें भागथली को छोड़कर सभी मंडियों की व्यवस्था पूरी तरह से अस्थायी होती है, जहां अपनी फसल लेकर आने वाले किसान को कई बार मौसम की ऐसी मार पड़ती है कि उसे बुरी तरह से नुकसान उठाना पड़ता है। नई मंडी में किसानों के लिए आधुनिक सुविधाएं जैसे फसल को मौसम से सुरक्षित रखने के लिए शेड, फसल का ढेर लगाने के लिए पक्के फर्श, मंडी की चाहरदीवारी, बिजली और पानी की उपलब्धता और बेहतर बैठने की जगह का प्रबंध किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।मंडी के लिए जगह के अभाव में जखबड़ के नाम से खुलने वाली मंडी को हर साल अन्य गांव में खोल दिया जाता था। जिससे गांव के लोगों को इसका जो फायदा मिलना चाहिए था वह नहीं मिलता था। सबसे अहम बात की कच्ची मंडियों फसल को वह सुरक्षा नही मिल पाती थी, जिसकी दरकार होती है। अब पक्की मंडी जखबड़ में खुलने से आसपास के गांव के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा।
हेमराज, किसान जखबड़।जखबड़ में पिछले काफी समय से मंडी के निर्माण का कार्य योजना में था। अब अगर मंडी के निर्माण की शुरुआत हो रही है तो इससे इलाके के किसानों को फायदा मिलेगा। सबसे अहम फायदा उन छोटे किसानों को होगा। जिनके पास अपनी परिवहन सुविधा न होने के कारण वह दूर खुलने वाली मंडियों तक अपनी फसल नही पहुंचा पाते थे।
ब्रह्म दत्त शर्मा, किसान जखबड़ कोट
कृषि विभाग ने इस निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग को टेंडर जारी करने के लिए पत्र लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी और निर्माण के लिए तय की गई समय सीमा मार्च 2027 तक सभी सुविधाओं को विकसित कर लिया जाएगा। ताकि किसानों को इसका लाभ मिल पाए।- मुरारी डिगरा, जिला कृषि अधिकारी (विस्तार)