बकाया वेतन और दिहाड़ीदारों को नियमित करने की मांग पर पीएचई सीपी वर्कर और दिहाड़ीदारों ने सरकार के खिलाफ अपनी मासिक बैठक में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले कई महीनों से सीपी वर्करों को वेतन नहीं मिला है और दिहाड़ीदारों को दिए गए आश्वासन को अभी तक पूरा नहीं किया गया।
ऐसे में सरकार को दोबारा हड़ताल का सामना न करने पड़े ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द उनकी मांगें पूरी करनी होंगी।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे चंदन सिंह ने कहा कि 11 अक्तूबर को समाप्त हुई उनकी हड़ताल के दौरान सरकार ने कहा था कि दो महीनों के भीतर उनकी मांगें पूरी कर दी जाएंगी।
लेकिन अब सरकार द्वारा मांगा गया समय समाप्त हो रहा है और इसके साथ ही उनका धीरज भी अब समाप्त हो रहा है। ऐसे में यदि सरकार ने दिसंबर के अंत तक उनकी मांगें पूरी नहीं की तो सरकार को एक बार फिर हड़ताल का सामना करना होगा।
उन्होंने कहा कि पिछली हड़ताल 33 दिनों तक चली थी, जिसके बाद सरकार ने समय मांगा था, लेकिन अभी तक कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इस मौके पर गोपाल शर्मा ने कहा कि सरकार को 61 हजार दिहाड़ीदारों को नियमित करने के लिए कोई प्रयास करने चाहिए।
सरकार ने ऐसा नहीं किया और न ही सीपी वर्करों के 28 महीनों के बकाया वेतन जारी करने के लिए कोई प्रयास किया है। सरकार की उदासीनता का शिकार कर्मचारियों को होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार के आश्वासन पर हड़ताल बंद की गई थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अगर सरकार ने कोई पहल नहीं की तो तय समय के बाद हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस मौके पर जीवन सिंह, अशोक कुमार, केवल कुमार, रमन खजूरिया आदि भी उपस्थित रहे।