कठुुआ। परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए कठुआ नार्थ विधानसभा क्षेत्र का नाम जय जसरोटा फोर्ट रखे जाने की मांग जय जसरोटा फोर्ट स्वाभिमान मंच ने की है। मंगलवार को मंच के सदस्यों ने डीसी कठुआ राहुल यादव को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए अपनी बात रखी।
इस मौके पर मंच के बबलू सिंह जसरोटिया ने कहा कि हाल के दिनों में उन्हें मीडिया के माध्यम से सूचना मिलती है कि उनके क्षेत्र का संवैधानिक नाम कठुआ नार्थ किया गया है। उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट का वह स्वागत करते हैं। लेकिन रियासी, कटरा का नाम माता वैष्णो देवी व जम्मू में बाहु फोर्ट विधानसभा क्षेत्र का नाम राजा बाहुलोचन के नाम हो सकता है तो कठुआ में कठुआ नार्थ और कठुआ साउथ रखकर ऐतिहासिक जसरोटा फोर्ट की अनदेखी क्यों की जा रही है। जय जसरोटा स्वाभिमान मंच इसका कड़ा विरोध करती है। वर्ष 1019 ई. से 1836 ई. तक इस इलाके में जसरोटा राजघराने के वंशजों ने 826 साल राज किया। जसरोटा राजवंश के कार्यकाल में यहां हर जाति और धर्म के लोग आपस में प्रेम भाव से रहते थे। जय जसरोटे वाली माता मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते है। ऐसे ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्र का नाम लोगों की भावना को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक पुस्तकें प्राइड ऑफ डोगरा, द हिस्ट्री ऑफ जसरोटा, राजतरंगनी और गुलाबनामा में जसरोटा राजवंश का इतिहास दर्ज है। जो अनुरोध को प्रभावी बनाते हैं। लिहाजा विधानसभा कठुआ नार्थ का नाम जय जसरोटा किला निर्वाचन क्षेत्र किया जाए। मंच ने अपनी मांग डीसी कठुआ के माध्यम से परिसीमन आयोग, चुनाव आयोग, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को ज्ञापन भेजा है। मंच के लोगों ने कहा, अगर क्षेत्र के नाम में जनभावना के अनुरूप बदलाव नहीं हुआ तो लोग सड़क पर भी उतरने से परहेज नहीं करेंगे।