शहर के पुराने बस अड्डे के पास पुलिस द्वारा युवक की तलाशी लेने के बाद युवक से कुछ न मिलने पर उसे थाना ले जाने का लोगों ने विरोध कर दिया। इतना ही नहीं विरोध के दौरान सादी वर्दी में आए पुलिस कर्मियों से हाथापाई करते हुए उन्हें मौके से खदेड़ दिया।
हाथापाई के दौरान ही पुलिस कर्मचारियों पर महिलाओं के साथ किए गए अभद्र व्यवहार के विरोध में लोगों ने नारेबाजी की और कठुआ-हटली मोड़ मार्ग जाम कर दिया। जिसके बाद डीएसपी अजय शर्मा ने लोगों को समझाया और मामले की जांच करने का आश्वासन दिया और जाम खुलवाया।
प्रदर्शनकारियों में शामिल युवक रोकी की मां नीलम, पंकज शर्मा, हरप्रीत सिंह सेठी, वीशु शर्मा ने बताया कि मंगलवार को पुलिस विभाग के खुफिया विंग के पुलिसकर्मियों ने शहर के अंबेडकर चौक के समीप पुलिस ने रोकी को उस वक्त रोका जब वह अपने परिजनों के साथ किसी वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए जा रहा था।
उन्होंने कहा कि उससे कुछ भी बरामद नहीं हुआ और उसे तलाशी के बाद थाने चलने के लिए कहा गया, लेकिन युवक पहले अपने परिजनों से मौके पर बात की और जब परिजन आए तो पुलिस कर्मचारियों ने युवक को पुलिस कर्मचारियों ने उठाने का प्रयास किया।
लेकिन युवक को पुलिसकर्मी गाड़ी में डालते कि परिजनों ने बवाल कर दिया। पुलिसकर्मियों द्वारा परिजनों के अलावा महिलाओं से की गई हाथापाई से आम लोग भी भड़क गए। जिन्होंने नारेबाजी करते हुए सादे कपड़े में पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई कर सभी को वहां से खदेड़ दिया। युवक के पिता बोध राज ने कहा कि उनके बेटे के पास से पुलिस कर्मियों को कुछ भी बरामद नहीं हुआ, लेकिन वह उसे जबरन थाने ले जाने का प्रयास करने लगे।
यही नहीं युवक को जबरन गाड़ी में डालने से जब परिजनों ने उन्हें रोका तो महिलाओं के साथ ही अभद्र व्यवहार किया और एक युवती के कपड़े तक फट गए। वहीं, सूचना के बाद वूमेन सेल की इंचार्ज संजीवन ज्योति भी मौके पर पहुंच गई।
जिनके साथ भी परिजनों ने तीखी बहस करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली की आलोचना की। इसी दौरान एक युवती जिसके हाथापाई के दौरान कपड़े फट गए थे वो बेहोश हो गई। उसे जिला अस्पताल उपचार के लिए ले जाया गया। डीएसपी अजय शर्मा ने प्रदर्शनकारियों से काफी देर तक बातचीत की। उन्होंने कार्रवाई करने और जांच का आश्वासन दिया। जिसके बाद लोगों ने मार्ग को यातायात के लिए खोला।