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पेयजल समस्या का समाधान किए जाने की मांग को लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन

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पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष प्र? - फोटो : KATHUA
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कठुआ। वर्षों से पेयजल समस्या का सामना कर रहे शहर के वार्ड नंबर पांच के लोगों ने जल शक्ति विभाग के नकारात्मक रवैया के खिलाफ अब आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष लोगों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विभाग से पेयजल समस्या का जल्द समाधान किए जाने की मांग की।
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प्रदर्शन करने वालों में शामिल स्थानीय पंडित अश्वनी शर्मा ने कहा कि उनके वार्ड में लगभग दो दशक से लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिसका विभाग के पास कोई समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि करीब 10 वर्ष पूर्व विभाग की ओर से वार्ड की मुख्य लाइन की पाइप लाइन तो बदली गई थी, लेकिन मुख्य लाइन से लोगों के घरों में जाने वाली छोटी पाइप लाइनें आज भी बंद पड़ी हुई है। जिसके चलते लोगों के घरों में पीने का पानी या तो आता ही नहीं है, अगर कुछ घरों में पानी आता है तो वह जर्जर पाइप लाइन से आने के चलते दूषित हो जाता है। जिसके कारण वह पीने के योग्य नहीं रह जाता। पूरे वार्ड में लोग पानी के लिए परेशान है। जिसका विभाग की ओर से आज तक कोई समाधान नहीं किया गया है। कुछ घरों में हुई बोरिंग से निकलने वाला पानी लोग उपयोग कर रहे हैं। लेकिन जलस्तर ऊंचा होने के कारण वह भी साफ नहीं होता है। जिसके कारण लोग तरह-तरह की बीमारियों से परेशान हैं।
वहीं, वार्ड के पार्षद अशोक शर्मा ने कहा कि वह पार्षद बनने के बाद पिछले 3 सालों से लगातार जल शक्ति विभाग के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। यहां हर बार समस्याओं के समाधान के नाम पर अधिकारियों के पास सिर्फ एक ही जवाब होता है कि उनके पास पर्याप्त फंड नहीं है। ऐसे में लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड में इन दिनों दर्जनों गलियों का निर्माण कार्य होना है, इनमें से कुछ का निर्माण शुरू भी हो चुका है। आने वाले दिनों में अन्य गलियों में भी निर्माण शुरू होना है। ऐसे में अगर खराब पाइप लाइनों की मरम्मत इसी समय हो जाती है तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। गलियां बनने के बाद पाइप लाइनों को ठीक करने के लिए गलियों को फिर तोड़ना पड़ सकता है, जो कि फंड की बर्बादी होगी। लेकिन आज भी विभाग के अधिकारी इसके प्रति गंभीर नहीं है। लिहाजा लोगों ने उन्हें 10 दिन के भीतर समस्या का समाधान किए जाने की मांग रखते हुए चेतावनी दी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह लोग इसके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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