प्रदेशभर से 4500 पेंशनरों को पेंशन का भुगतान नहीं हो पाया है।
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बकाया वेतन, सात साल पूरा कर चुके दिहाड़ीदारों को पक्का करने के साथ साथ अन्य मांगें पूरी न होने के विरोध में हड़ताल पर बैठे पीडीडी डेलीवेजरों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को दिहाड़ीदारों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि सरकार के पास मांगें पूरी करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
धरने का नेतृत्व कर रहे प्रधान रामकृष्ण ने कहा कि पांच दिनों से वह हड़ताल पर हैं। लेकिन सरकार की ओर से न तो कोई फैसला आया न ही सरकार ने अभी तक उनके धरने को गंभीरता से लिया है। कहा कि सरकार को मांगें पूरी न करने की गलती उग्र आंदोलन के रूप में चुकानी होगी।
राजेश सिंह, सुशील कुमार, राधे श्याम, विनय कुमार ने कहा कि सरकार ने कश्मीर में 1994 से 2005 तक के दिहाड़ीदारों को पक्का किया। लेकिन जिला कठुआ के केवल 1995 तक के दिहाड़ीदार ही पक्के किए हैं। कहा कि जब कश्मीर में 2005 तक के दिहाड़ीदारों को पक्का किया जा सकता है तो फिर कठुआ के क्यों नहीं।
उन्होंने कहा कि बकाया वेतन के साथ साथ दिहाड़ी 500 रूपए करने, इंश्योरेंस पालिसी बनाने और नीड बेस कर्मचारी को पीडीएल करने की मांग सरकार पूरी नहीं कर रही है। लेकिन उनकी मांग उनका हक है। सरकार कर्मचारियों से उनका हक नहीं छीन सकती है अगर सरकार ने ऐसा किया तो सरकार के लिए ही मुसीबत होगी।