पंचायत मूनी के सेरी गांव स्थित दो सौ वर्ष पुराने तालाब में मलबा भरने और उस पर पार्क बनाने के मामले में गांव के लोग और ग्रामीण विकास विभाग आमने-सामने आ गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तालाब को भरने का काम बंद नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
इस संबंध में सेरी के ग्रामीणों को प्रतिनिधिमंडल शनिवार को किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट हरिचंद जलमेरिया के नेतृत्व में मंडलायुक्त जम्मू डाक्टर पवन कोतवाल से मिला। ईशर दास, कृष्ण सिंह, शाम लाल, चैन सिंह ने बताया कि दो सौ वर्ष पुराना यह तालाब गांव में खसरा नंबर 939 में 5 कनाल 12 मरला भूमि पर है।
तालाब का पानी ग्रामीणों के लिए वरदान है। सूखा और गर्मियों में तब पानी के सभी साधन खत्म हो जाते हैं तब यह तालाब ग्रामीणों की जरूरत पूरा करता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण विकास विभाग इस तालाब के एक बडे़ भाग में मलबा भरकर वहां पार्क का निर्माण करने जा रहा है। यह ग्रामीणों को कतई मंजूर नहीं है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस ऐतिहासिक तालाब की जरूरी मरम्मत कराकर इसका संरक्षण किया जाए। मंडलायुक्त ने मामले को संज्ञान में लेकर डीसी कठुआ को खुद घटनास्थल पर जाकर तालाब के आकार को बदलने अथवा उसमें मलबा आदि भरने के काम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
ब्लाक डेवलपमेंट अधिकारी संजीव दुबे ने इस संबंध में ग्रामीणों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग तालाब को मिटाने का नहीं, बल्कि इसे संरक्षित करने का काम कर रहा है।
लोगों की मांग पर और उप मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री अब्दुल हक खान के निर्देश पर तालाब के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया है। इसके साथ ही वहां पर एक छोटा सा पार्क भी बनाया जा रहा है।