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Kathua News: पीड़ित परिवार को 21.60 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश

Tue, 15 Apr 2025 02:07 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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साल 2019 में मोटरसाइकिल हादसे में सह-सवार अब्दुल मजीद की हो गई थी मौत
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कठुआ। जिला सत्र न्यायाधीश एवं जिला मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने छह साल पुराने दुर्घटना मामले में मृतक के परिवार वालों को 21.60 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आदेश के अनुसार मुआवजा राशि का भुगतान श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड जयपुर राजस्थान की ओर से किया जाएगा।
इसके अलावा बीमा कंपनी याचिकाकर्ता को कोर्ट में दायर याचिका की तिथि से लेकर याचिकाकर्ता को भुगतान तक सात प्रतिशत की दर से ब्याज देने का आदेश भी दिया है। वहीं, कोर्ट ने बीमा कंपनी को 60 दिन के भीतर मुआवजा देने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक मुआवजे की राशि का 55 प्रतिशत हिस्सा मृतक की पत्नी को, जबकि पांच प्रतिशत हिस्सा उसके एक बेटे को और अन्य चार बच्चों को मुआवजे की राशि का 10-10 प्रतिशत देने का निर्देश दिया गया है।
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कोर्ट के आदेश के अनुसार मामला वर्ष 21 अप्रैल 2019 का है। इसमें बाइक पर सह-सवार अब्दुल मजीद निवासी माही चक कठुआ की दुर्घटना में मौत हो गई थी। दुर्घटना नगरी लिंक रोड सुमवां के पास हुई थी। हादसे के समय बाइक को बाग हुसैन निवासी माही चक तेज रफ्तार से चला रहा था। इसके चलते सुमवां गांव के पास अचानक एक बच्चा सामने आ गया और उसकी टक्कर मोटरसाइकिल के साथ हो गई। परिणामस्वरूप मोटरसाइकिल पर सह-सवार अब्दुल मजीद नीचे गिरा और उसे गंभीर चोटें आईं। घायल अब्दुल मजीद की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद मृतक की पत्नी और पांच बच्चों ने कोर्ट में मुआवजे को लेकर याचिका दायर की। याचिका दायर करने वालों में दो नाबालिग थे।
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दायर याचिका के अनुसार, मृतक एक ठेकेदार था, जो निजी कंपनियों में श्रमिकों को उपलब्ध करवाकर प्रतिमाह 25 हजार रुपये कमाता था। लिहाजा 56.90 लाख रुपये की मुआवजा राशि की मांग की गई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश के सभी पक्षों को सुनने के बाद पीड़ित परिवार को 21.60 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का आदेश दिया है। यह राशि बीमा कंपनी की ओर से पीड़ित परिवार को दी जाएगी। इसके अलावा कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि मृतक की पत्नी को जो मुआवजा राशि मिलेगी उसका 60 प्रतिशत हिस्सा पांच साल तक बैंक में जमा रहेगा। वहीं, दो नाबालिग बच्चों की राशि को सात साल की अवधि तक बैंक में जमा रखने का निर्देश दिया गया है। संवाद
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