समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों के प्रस्ताव कर लिए है तैयार, केंद्र सरकार की अधिसूचना का इंतजार
ई-अनुदान पोर्टल बीते अगस्त महीने से पड़ा है बंद
कठुआ। केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक जिला में दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र की स्थापना करने की घोषणा की गई थी। वर्ष 2023 के मार्च महीने की घोषणा के बाद दो साल बीत जाने के बाद अभी तक किसी भी जिले में केंद्र स्थापित नहीं हो पाए है। जिसका खामियाजा दिव्यांगजनों को उठाना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार घोषणा के बाद ही समाज कल्याण विभाग के जिला अधिकारियों की ओर से दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का एक प्रस्ताव तैयार कर उसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ई-अनुदान पोर्टल पर अपलोड करना था। इसके बाद प्रत्येक जिले को पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की अनमति मंत्रालय से प्राप्त की जानी थी। सूत्रों के अनुसार यह पोर्टल बीते वर्ष अगस्त महीने तक तो खुला रहा, लेकिन किसी भी जिला की ओर से प्रस्तावित पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव नहीं भेजा गया। इसके चलते देरी हो रही है। हालांकि वर्तमान में सभी जिला प्रशासन ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं, लेकिन ई-अनुदान पोर्टल खुलने का इंतजार किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी मई और जून महीने में केंद्र सरकार की ओर इस पोर्टल को खोल दिया जाएगा। इसके बाद हर जिले में दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र स्थापित होने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
शुरुआत में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने इन केंद्रों को गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) की मदद से खोलने की योजना बनाई गई थी। इसमे केंद्र की इमारत उपलब्ध करवाने से लेकर उसका रखरखाव का जिम्मा एनजीओ का था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को मानने के लिए मना दिया गया। इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने इन पुनर्वास केंद्रों का संचालन रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया है।
पुनर्वास केंद्र स्थापित होने से दिव्यांगजनों को मिलेगी यह सुविधाएं
प्रत्येक दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र में दिव्यांगों के लिए फिजियोथेरेपी कक्ष, डॉक्टर सलाहकार कक्ष, प्रतीक्षा कक्ष के अलावा कार्यालय की स्थापना की जाएंगी। इसमें दिव्यागों का समय रहते मुफ्त में इलाज मिल सकेगा। इन केंद्रों के पास जिले के सभी दिव्यांगों का डेटा उपलब्ध होगा। जिससे दिव्यांगों का कैंपों के माध्यम से सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने के साथ-साथ समय रहते उपकरणों की मरम्मत सहित समय रहते चिकित्सा सुधार के लिए बेहतर बड़े अस्पतालों में रेफरल करने की भी व्यवस्था होगी। इसके अलावा ये केंद्र बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से दिव्यांगों को स्वरोजगार के लिए ऋण का प्रबंधन करने में सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। संवाद
जिला दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। क्योंकि यह केंद्र रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से संचालित किए जाने हैं, जिसका चेयरमैन प्रत्येक जिला उपायुक्त होते है। उन्होंने समय रहते ऑनलाइन प्रक्रिया को शुरू नहीं किया था। इसके चलते बीते अगस्त को ई-अनुदान पोर्टल बंद हो गया था। इस वर्ष सभी केंद्रों को स्थापित करने की योजना है।
एम. इकबाल लोन, आयुक्त, समाज कल्याण विभाग