विकास कार्य पूरे होने के बाद भी राशि नहीं मिलने पर सोमवार को कठुआ ब्लाक के पंचायती नुमाइंदों ने ग्रामीण विकास विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
सरपंचों-पंचों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि एक तरफ तो विभाग विकास कार्यों में देरी करता है उस पर कार्य मुकम्मल होने के बाद भी राशि जारी नहीं की जा रही है। अगर जल्द ही विभाग ने निर्माण कार्यों पर खर्च हुई राशि जारी नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे वड़ाला के सरपंच यशपाल रैना ने कहा कि पिछले डेढ़ साल के अंदर कठुआ ब्लाक में पंचायती नुमाइंदों ने जितने भी विकास कार्य करवाए हैं उनके निर्माण के लिए जो राशि खर्च की गई उसे विभाग ने अब तक जारी नहीं किया है।
कई कार्य तो एक साल पहले ही पूरे हो चुके हैं और विभाग ने अभी तक राशि जारी नहीं की। ऐसे में पंचायतों द्वारा विकास कार्य करवाने का क्या औचित्य रह जाता है।
एक तरफ सरकार पंचायतों को सशक्त करने की बात कहती है तो दूसरी और विकास कार्यों के लिए विभागों के चक्कर कटवाती है। होट के सरपंच बलवान सिंह ने कहा कि विकास कार्यों के लिए पंचायती नुमाइंदों को विभाग के सहारे बैठना पड़ रहा है।
सरकार पंचायतों को सीधा पैसा भेजे विभाग की केवल निगरानी होनी चाहिए और अगर विकास कार्य सही नहीं है तो कार्य को बंद करवाया जाना चाहिए लेकिन विभाग के सहारे पंचायतों को नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे में विकास कार्य अटकते हैं।
विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द पूरे हो चुके निर्माण कार्यों का पैसा जारी करे। ऐसा नहीं होने की सूरत में वह उग्र रुख अपनाएंगे।
वहीं इस संबंध में एसीडी ने कहा कि पंचायतों के कार्य मनरेगा के तहत होते हैं और इसके बाद विभागीय टीम कार्य का निरीक्षण करती है उसके बाद रिपोर्ट भेजने के बाद पैसा जारी किया जाता है।
ऐसे में कठुआ ब्लाक के कार्य पूरे हो चुके हैं केवल कुछ निर्माण कार्यों का निरीक्षण करना बाकी है। जल्द ही पैसा जारी कर दिया जाएगा।