चुनाव का शेड्यूल जारी होते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। इस दफा नब्बे फीसदी मतदान के लक्ष्य के साथ जिला प्रशासन ने तमाम इंतजामों को समय रहते पूरा करने की कवायद तेज कर दी है।
जिले के 625 मतदान केंद्रों को श्रेणीवार व्यवस्थाएं देने से लेकर विशेष परिस्थितियों में मतदान को सुविधाजनक बनाने के लिए हिदायतें जारी कर दी गई हैं। पांचवें चरण में प्रस्तावित कठुआ जिले की पांच सीटों पर मतदान के लिए इस बार 4.39 लाख मतदाता पंजीकृत हुए हैं।
इस बाबत जानकारी देते हुए जिला उपायुक्त और जिला चुनाव अधिकारी डा. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि कठुआ जिले में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 625 हो गई है।
संसदीय चुनावों में यह संख्या 602 थी जिसमें 23 नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। 588 मतदान केंद्र सामान्य श्रेणी में आते हैं जबकि 14 मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील श्रेणी के हैं।
जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस बार 25 हजार नए मतदाता जुड़े हैं जबकि 11 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
बर्फबारी वाले इलाकों में कुल 73 मतदान केंद्र हैं जहां पर पोलिंग पार्टियों को एयरलिफ्ट करने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है। इसी तरह से भारत पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 31 मतदान केंद्र हैं जिन्हें आपात स्थिति में शिफ्ट करने की व्यवस्था की गई है।
जिला चुनाव अधिकारी ने कहा कि कठुआ जिले में इस बार नब्बे फीसदी मतदान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
प्रति 100 मतदाताओं के लिए एक मुलाजिम को जागरूकता के लिए नियुक्त किया गया है। 3 नवंबर से बाकायदा बस सेवा शुरू कर मुलाजिमों को जागरूकता के मिशन में लगा दिया जाएगा। इस बार स्वीप कार्यक्रम के तहत कठुआ जिले में 35 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।