तालाबाें को संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर भले ही तमाम प्रयास किए जाते हों, लेकिन इन पर कब्जा करने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। सोमवार को गांव जसरोटा के तालाब पर कब्जा रुकवाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से ग्राम सभा का आयोजन किया गया।
ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन से कब्जा रोकने की बार-बार मांग करने और मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन के कई आला अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ बातचीत कर रिपोर्ट तैयार की।
सभा में ग्रामीणों ने कहा कि यह तालाब वर्षों पुराना है। तालाब से ग्रामीण अपने मवेशियों को पानी पिलाते हैं। कई प्रकार के कामों में इस तालाब के पानी का प्रयोग किया जाता था। जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण अब यह तालाब खत्म होने की कगार पर आ गया है।
लोगों ने बताया कि गांव के ही कुछ परिवारों ने तालाब पर कब्जा कर रखा है। इसे देखते हुए अन्य परिवार भी जेसीबी लगाकर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इन पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और बीडीओ बरनोटी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने तालाब पर कब्जा कर रखा है। इसमें कुछ तो बहुत पुराने हैं और कुछ अभी कर रहे हैं। कब्जों को विभाग ने रुकवा दिया है।
अधिकारियों ने कहा कि गांव के लोगों के साथ बैठक कर उनकी राय ली गई है। इसमें ग्रामीणों का कहना है कि इस तालाब से सभी किस्म के अवैध निर्माण हटाए जाने चाहिए। इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे तालाब पर कब्जा न होने दें। इस मौके पर पंचायत इंस्पेक्टर अशोक कुमार, प्रोग्राम आफिसर हर्ष, जेई अरुण कुमार, स्थानीय पंचायत सदस्यों और ग्रामीण मौजूद रहे।