आल जेएंडके क्लेरिकल स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले सरकारी बाबुआें की हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई। हड़ताल के पहले दिन सरकारी बाबुओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। साथ ही कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। क्लर्कों की हड़ताल के चलते दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। इससे आम लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष मनोहर सिंह ने कहा कि क्लेरिकल स्टाफ की वर्षों से अनदेखी की जा रही है। राज्य की सरकार हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामले को टाल देती है। उन्होंने बताया कि वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए जो कमेटी बनी थी, उसकी रिपोर्ट आज तक लागू नहीं की गई है। कम वेतन और बकाया वेतन के आज भी उन्हें दरबदर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के साथ-साथ उन्हें वेतन आयोग के लाभ भी दिए गए, लेकिन क्लेरिकल स्टाफ के साथ सौतेला व्यवहार अपनाया गया।
उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि के साथ ही छठे वेतन आयोग के लाभ दिया जाना चाहिए। इस पर सरकार ने अभी तक कोई पहल नहीं की है। अब वह अधिक सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के आश्वासन से तंग आकर यह दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल शुरू की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस काम छोड़ हड़ताल को सफल बनाकर रियासत की गठबंधन सरकार पर दबाव बनाया जाएगा ताकि मांगों को पूरा कराया जा सके। उन्होंने कहा कि अब वह किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार ने कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। अबकी बार आरपार की लड़ाई होगी। उन्होंने सभी क्लेरिकल स्टाफ सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि इस कलम छोड़ हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट हो जाएं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने जिला सचिवालय में एकत्रित होकर मांगों के समर्थन में भड़ास निकाली।