- छह न्यायाधीश को दो मंजिला इमारत में मिलेंगे कोर्ट रूम, वकीलों के 36 चैंबर अलग से किए जा रहे तैयार
- 20 करोड़ की लागत से हाउसिंग बोर्ड की ओर से करवाया जा रहा है निर्माण
- पहले चरण में न्यायाधीशों के आवासीय परिसर का हो चुका है उद्घाटन
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गोल्डी शर्मा
कठुआ। नए वित्तीय सत्र की शुरुआत से जिला न्यायालय की कार्यप्रणाली नई इमारत से संचालित करने का सपना पूरा होने जा रहा है। नई दो मंजिला इमारत का निर्माण कार्य मार्च के अंत तक पूरा होने की संभावना है। नई इमारत में जजों के कोर्ट रूम स्थापित किए जाएंगे। पहले से बने कोर्ट रूमों और अन्य ढांचों को ध्वस्त कर शेष कार्यों को अंतिम रूप दिए जाने की योजना है।
बता दें कि लगभग 30 करोड़ की लागत से जिला न्यायालय का निर्माण जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड की ओर से किया जा रहा है। नई इमारत में छह न्यायाधीशों के लिए कोर्ट रूम बनाएं जा रहे हैं। इसमें मालखाने के साथ-साथ अभियोजन कार्यालय का भी सुविधा होगी। निर्धारित राशि से अलग से दो मंजिला इमारत भी बन रही है जिसमें 36 वकीलों के चैंबर बनाए जा रहे हैं। वहीं, कोर्ट परिसर के भीतर ही पांच न्यायाधीशों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।
कार्यकारी एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार शेष निर्माण कार्य पूरा करने के लिए पहले कोर्ट रूम को नई इमारत में स्थानांतरित करना होगा। जिसके बाद परिसर के भीतर बने पहले से कोर्ट रूम ध्वस्त कर शेष बचे कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। नई इमारत में पार्किंग के साथ-साथ लॉन का काम होना अभी बाकी है। हालांकि प्रवेशद्वार का कार्य शुरू करवाया जा चुका है, लेकिन प्रवेशद्वार से लेकर मुख्य इमारत तक संपर्क स्थापित किया जाना बाकी है।
29 जनवरी को आवासीय क्वार्टर का हुआ था उद्घाटन
जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड ने दो महीने पहले लगभग ढाई करोड़ की लागत से पांच न्यायाधीशों के आवासीय क्वार्टर का निर्माण पूरा कर लिया था। जिसके बाद 29 जनवरी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य न्यायाधीश ताशी रबस्तान इसका उद्घाटन भी कर चुके हैं। वहीं, दूसरे चरण ने कोर्ट परिसर की मुख्य दो मंजिला इमारत और वकीलों के चैंबर का निर्माण मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शेष कार्यों में पार्किंग, लॉन और परिसर के सौंदर्यीकरण सहित प्रवेशद्वार के कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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31 मार्च 2025 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था
जिला न्यायालय के संपूर्ण निर्माण के लिए सरकार की अनुमानित लागत 30 करोड़ 46 लाख 96 हजार तय की गई थी। जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड को टेंडर के माध्यम से 29 करोड़ 73 लाख 52 हजार की लागत से निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी। निर्माण कार्य अप्रैल 2018 में शुरू किया गया था जिसे 31 मार्च 2025 में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था।