अदालत से....... का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने आबकारी अधिनियम के मामले में गिरफ्तार महिला को बरी कर दिया है। आदेश के मुताबिक मामले की जांच में अधिनियम के स्थापित कानूनों की अवहेलना हुई है। जांच उप-निरीक्षक स्तर के अधिकारी के बजाय सहायक निरीक्षक अधिकारी की ओर से की गई है।
अदालत ने अभियोजन पक्ष के चालान को ही खारिज कर आरोपी महिला को बरी करने का फैसला सुनाया। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी के जमानत और व्यक्तिगत बांड को भी खारिज कर दिया। पुलिस ने कमलेश कुमारी निवासी चक द्राब खान को अवैध शराब (लाहन) के साथ वर्ष 2021 में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके के खिलाफ आबकारी अधिनियम के धारा 48 (ए) मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। 29 जुलाई 2021 को चालान पेश कर अदालती कार्रवाई शुरू की गई। अभियोजन पक्ष की ओर चार गवाहों के बयान भी दर्ज करवाए गए।
सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि मामले की जांच करने में पुलिस ने स्थापित कानूनों का पालन ही नहीं किया। कहा कि नियमों के अनुसार जांच उप-निरीक्षक अधिकारी की ओर से की जानी थी, लेकिन जांच सहायक उपनिरीक्षक भूरी सिंह द्वारा की गई जो अधिनियम के प्रावधानों के तहत ऐसा करने के लिए सक्षम नहीं थे। इसके बाद अदालत ने आरोप-पत्र को खारिज कर आरोपी को बरी करने का निर्देश दिया।