बसोहली। नगर के दर्जनों मंदिरों में से माता चामुंडा का ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। रंजीत सागर झील के मध्य टापू पर स्थित इस मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु माथा टेकते हैं।
चामुंडा माता के दर्शनों के लिए भक्तों को सीढ़ियां, पहाड़ी और जंगली रास्ते से नहीं, बल्कि झील पार कर स्टीमर से जाना पड़ता है। माता के दर्शनों के लिए जलमार्ग से यात्रा करना एक अलग ही अनुभव है। यात्री पहाड़ी सौंदर्य और रावी दरिया पर बने अटल सेतु का लुत्फ उठाते हुए रंजीत सागर झील में होकर चामुंडा देवी मंदिर तक पहुंचते हैं। नवरात्रों में देश-विदेश से भक्तों का सैलाब यहां उमड़ता है।
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यहां पूरी होती है हर मनोकामना
मान्यता है कि चामुंडा देवी के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह टापू श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर देता है। नवरात्र में रोजाना यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं। जिन्हें स्टीमर सेवा एकदम निशुल्क दी जाती है।
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800 साल पहले यहां आई थीं मां
मंदिर के पुजारी अनिल कुमार बताते है कि आठ सौ वर्ष पूर्व चंबा के कोपोला नामक स्थान को छोड़कर मां रावी नदी के इस विहंगम तट पर आई थीं। मां ने उस समय चंबा के राजा प्रताप सिंह को सपने में दर्शन दिए कि इस जगह मंदिर बनाया जाए। राजा ने मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कराया। पास ही स्थित गांव चौंडा का एक पुजारी मां को अपने गांव दलवाल ले जाने के लिए दल-बल के साथ आया तो मां ने चौकी के माध्यम से कहा कि वे यहीं पर खुश हैं। वर्ष 2000 में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर माता ने दर्शन देने शुरू किए। मंदिर में सबसे पहले त्रिशूल प्रकट हुआ। इसके बाद बारी-बारी से सातों पिंडियों ने दर्शन दिए। इससे लोगों की आस्था और बढ़ गई। हर महीने मंगलवार को यहां लोग मां के दरबार में आते हैं। ज्येष्ठ मंगलवार को मां के दरबार में हाजिरी देने वाले की मां हर कामना पूर्ण करती हैं।
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मूलभूत सुविधाओं से वंचित है माता का दरबार
पंजाब राज्य के अधीन पड़ता चामुंडा देवी दरबार आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जब से इस मंदिर का निर्माण हुआ है, तब से यहां बिजली की व्यवस्था नहीं है। मंदिर के पुजारी अपने जेब खर्च पर घंटों जनरेटर चलाकर मंदिर में रोशनी का प्रबंध करते हैं। इस दिशा में पंजाब प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए हैं।
बसोहली स्थित चामुंडा देवी मंदिर का दृश्य, संवाद।- फोटो : KATHUA
बसोहली स्थित मंदिर में विराजमान चामुण्डा माता की प्रतिमा, संवाद।- फोटो : KATHUA
बसोहली में चामुंडा देवी मंदिर में मूर्ति प्रतिष्ठान करवाते पूर्व मंत्री प्रेम सागर अजीज व अन्य, - फोटो : KATHUA