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Kathua News: लोक अदालत ने छह साल का विवाद सुलझा दंपती को मिलाया

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-273 मामलों का निपटारा, 90 लाख के अवॉर्ड पास
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में पति-पत्नी का छह साल का विवाद तीस मिनट में सुलझा दिया गया। मामूली बात को लेकर चल रही खटास दूर कर रिश्ते में मिठास घोल दी गई। वहीं, चेक बाउंस मामले में दो साल से अदालत के चक्कर लगा रही महिला को भी इंसाफ मिला। शुक्रवार को जिला अदालत परिसर में लगाई गई लोक अदालत में 384 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें से 273 का निपटारा कर 90,3,994 रुपए के अवॉर्ड पास किए गए। लोक अदालत का शुभारंभ जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक कुमार शवन ने किया।
दंपती में मामूली गलतफहमी से चल रही थी तकरार
मामूली गलतफहमी के चलते छह साल से बसोहली के रहने वाले पति-पत्नी में तकरार चल रही थी। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश कुसुम पंडिता और मुंसिफ मजिस्ट्रेट चीना सुंबड़िया ने की। दोनों पक्षों के वकीलों की पहल से अदालत ने दंपती में चल रहा विवाद सुलझा दिया। इससे दंपती के दोनों बच्चों को भी माता-पिता का साथ मिल गया। वकील अनिल सिंह अंदोत्रा ने बताया कि उनके मुवक्किल का पत्नी के साथ चल रहे विवाद का सबसे ज्यादा असर उनके दो बच्चों पर पड़ रहा था। छह साल के बेटे को मां और 12 साल की बेटी को पिता के साथ रहना पड़ रहा था। मुवक्किल की पत्नी के वकील के साथ चर्चा कर दंपती के रिश्ते में आई खटास को दूर करने के प्रयास किए। मामले को लोक अदालत में रखा गया। यहां दो जजों की पीठ ने दंपती को समझाकर विवाद सुलझा दिया।
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चेक बाउंस मामले में दो साल से भटक रही महिला को मिला इंसाफ
लोक अदालत में चेक बाउंस मामले में अपने पैसे वापस लेने के लिए दो साल से अदालत में भटक रही अंजलि देवी को भी इंसाफ मिला। केस की सुनवाई कर अदालत ने कर्ज लेने वाली महिला को अंजलि को 26 दिसंबर तक 40 हजार रुपये मुंसिफ मजिस्ट्रेट चीना सुंबड़िया की अदालत में जमा कराने का आदेश दिया है। दरअसल, करीब तीन वर्ष पहले एक महिला ने अंजलि से एक लाख रुपये कर्ज लिया था। अंजलि को गारंटी के तौर उस महिला ने एडवांस चेक दिया था। चेक बैंक में लगाया तो खाते में पैसे न होने के चलते बाउंस हो गया। अंजलि ने महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया। दो साल तक महिला किश्तों में नकद पैसे वापस देने का दावा करती रही, जबकि अंजलि का कहना था कि पैसे उन्हें अभी नहीं मिले हैं। जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार शवन और विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट सुरेंद्र कुमार थापा ने इस मामले में दोनों पक्षों के वकीलों से चर्चा की। अंजलि को 40 हजार रुपये लेने के लिए राजी कर विवाद सुलझाया। वहीं, अदालत में आए तलाक के दो मामले भी सुलझाए गए। दोनों मामलों में समझाने पर दंपती एक साथ रहने के लिए राजी हो गए।
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छह बेंचों पर हुई सुनवाई : मामलों की सुनवाई के लिए अदालत में छह बेंच लगाए गए थे। पहले बेंच पर जिला एवं सेशन जज अशोक कुमार शवन व स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट सुरिंदर कुमार थापा, दूसरे बेंच पर एडिशनल जिला एवं सेशन जज कुसुम और मुंसिफ जेएमआईसी कठुआ चीना सुंबड़िया, तीसरे बेंच पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाति गुप्ता और जिला मोबाइल मजिस्ट्रेट नीना ठाकुर, चौथे बेंच पर मुंसिफ जेएमआईसी बसोहली जीवन कुमार शर्मा और बार एसोसिएशन बसोहली के अध्यक्ष अधिवक्ता शुभ कुमार, पांचवें बेंच पर मुंसिफ जेएमआईसी बिलावर ज्योति भगत और अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट बिलावर पूनम गुप्ता, छठे बेंच पर मुंसिफ जेएमआईसी हीरानगर रिंपी रानी और बार एसोसिएशन हीरानगर के अध्यक्ष विजय कुमार ने सुनवाई की। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण कठुआ की सचिव रेखा कपूर ने लोक अदालत का समन्वय किया।
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