बस सेवा को हरी झंडी दिखाते डीडीसी सदस्य अभिनंदन शर्मा। संवाद
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हीरानगर। ओल्ड सांबा कठुआ (ओएसके) रूट पर तीन दशकों बाद बुधवार को बस सेवा शुरू हो गई। डीडीसी सदस्य अभिनंदन शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर बस को सांजी मोड़ से जम्मू के लिए रवाना किया। बस सेवा शुरू होने पर लोग बेहद खुश दिखे, ढोल की थाप पर नाच कर और लड्डू बांटकर खुशी मनाई। इस रूट पर पड़ते बाजारों के दुकानदार भी बस सेवा शुरू होने पर बेहद खुश थे।
कठुआ के नगरी से सुबह यह बस चलेगी जो कोटपुन्नू, सांजी मोड़, चकड़ा, लौंडी, शेरपुर और सांबा जिला के राजपुरा, सांबा से होते हुए जम्मू जाएगी और शाम को इसी रूट से वापस लौटेगी। इस रूट पर बस सेवा शुरू होने से हीरानगर उपमंडल की 30 पंचायतों के लोगों को लाभ मिलेगा। इसमें ज्यादातर पंचायतें सीमावर्ती हैं। इस क्षेत्र के लोगों को जम्मू या कठुआ जाने के लिए चड़वाल, राजबाग, हीरानगर मोड़, कूटा में हाईवे पर जाकर बस लेनी पड़ती है। इसके लिए उन्हें 15 से 20 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। अब उन्हें यह सफर तय नहीं करना पड़ेगा गांव से निकलते ही बस जम्मू या कठुआ जाने के लिए मिल जाएगी।
डीडीसी सदस्य ने बताया कि करीब 30 वर्ष पहले इस रूट पर बस सेवा स्थगित कर दी गई थी जो आज फिर से शुरू हुई है। इसे शुरू कराने के लिए लगभग एक महीने तक भागदौड़ करनी पड़ी। शुक्रवार को एसआरटीसी के प्रबंध संचालक अंग्रेज सिंह राणा से बैठक ने इस सेवा को शुरू करने के निर्देश दे दिए गए। आखिरकार आज जब यह बस सेवा शुरू हुई तो लोगों में जश्न का माहौल बन गया। उन्होंने कहा इस रूट पर बस सेवा शुरू होने से आम लोगों को तो लाभ होगा ही खासतौर पर जम्मू विश्वविद्यालय या कठुआ डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा। सरकारी मुलाजिमों को भी लाभ होगा। जिन्हें पहले जम्मू या कठुआ जाने के लिए हाईवे 44 पर जाना पड़ता था उन्हें अब वहां जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे उनका सफर भी कम होगा और किराए की भी बचत होगी। वहीं यहां मौजूद लोगों ने इसके लिए केंद्र सरकार और डीडीसी सदस्य का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह इस इलाके के लोगों के लिए बहुत बड़ी सौगात है। कपड़ा विक्रेता नरेश चौधरी ने कहा कि बस सेवा शुरू होने से निश्चित रूप से बाजारों में व्यापार बढ़ेगा। सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक थुड्डू राम शर्मा ने कहा मोदी सरकार ने सड़कों का विस्तारीकरण किया गया। आखिरकार आज बस सेवा भी शुरू हो गई है जो बेहद खुशी की बात है। इससे हमारे क्षेत्र के स्कूली विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों, सरकारी मुलाजिमों को काफी फायदा होगा। कोटपुन्नू से जम्मू का जो सफर पहले 80 किलोमीटर में पूरा करते थे, अब एक ही बस में बैठकर 50 से 60 किलोमीटर में पूरा हो जाएगा। इससे पैसे और समय दोनों की बचत होगी।