बाबा बंदा सिंह बहादुर के शहीदी शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में निकाला गया भव्य नगर कीर्तन मंगलवार शाम कठुआ में प्रवेश कर गया। बाबा बंदा सिंह बहादुर, डेरा प्रबंधन रियासी द्वारा आयोजित यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए यहां पहुंची है। यहां जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों समेत संगत ने इसका स्वागत किया।
कालीबड़ी चौक से श्रद्धालुओं की टोली शहर में प्रवेश हुई। पंज प्यारों की अगुवाई में पहुंचे नगर कीर्तन में पालकी साहिब आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। लोगाें ने शीश झुकाकर माथा टेका। मोटर साइकिल पर निशान साहिब लेकर युवाओं ने जोश से जहां पर बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों के साथ पूरे शहर की फिजां को भक्तिमय बना दिया।
रियासी डेरा से शुरू हुआ नगर कीर्तन 9 जून को शहीदी स्थल दिल्ली पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा।
इसमें नगर कीर्तन विशेष रूप से शिरकत करेगा। रियासी डेरा प्रमुख बाबा जितेंद्र सिंह सोढ़ी ने बताया कि गुरु ग्रंथ साहिब केनेतृत्व में पंच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन का जत्था यहां पर पहुंचा है। यहां पर शस्त्र दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जीवन प्रदर्शनी की गाड़ी और टाड़ी जत्था भी आकर्षण का केंद्र रहा।
इस अवसर पर जिला अतिरिक्त विकास आयुक्त डॉ मनमोहन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। नगर कीर्तन के लिए मंगलवार की रात कठुआ में ठहरने का प्रबंध किया गया है। जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चरणजीत सिंह भोला ने कहा कि संगत के ठहरने की पूरी व्यवस्था की गई है। बाद उक जून को 12 साहिब पहुंचने की योजना है। इसके बाद विभिन्न पड़ावों से होते हुए दिल्ली शहीदी स्थल पर पहुंचेंगे।
उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन की अगुवाई करने वाले पंज प्यारों को सिरोपा भेंटकर सम्मान दिया गया है। इस अवसर पर परवीन सिंह, दिलीप सिंह, अमरीक सिंह, कुलदीप सिंह, नवजोत सिंह, कुलवंत सिंह, दलजीत सिंह, सरपंच हरबंस सिंह मौजूद रहे।