बिजली विभाग ने बकायादारी के मामले में उपभोक्ताओं पर जारी कार्रवाई के बाद अब सरकारी विभागों पर भी नकेल कसनी शुरू कर दी है। वीरवार को नगर परिषद की बिजली काट दी गई। बकायादारी के मामले में नगर परिषद पर बोझ सबसे अधिक है, चूंकि न सिर्फ कार्यालय बल्कि परिषद के अधीन आने वाली स्ट्रीट और हाई मास्ट लाइट का बोझ भी उस पर ही है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार नगर परिषद कार्यालय की एक लाख से अधिक की बकायादारी थी, जिसमें स्ट्रीट लाइट की बकायादारी को अलग रखा गया है।
विभाग ने पिछले एक साल में बिजली खपत के विपरीत एक भी रुपया जमा नहीं करवाया है। बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप सेठ के अनुसार मार्च महीने के अंत से पहले सभी विभागों से बकाए का भुगतान करने की अपील कई बार की गई। घरेलू उपभोक्ताओं पर दबिश के लिए छह टीमों को शहर के साथ-साथ अन्य इलाकों में तैनात किया गया है, जिनका बकाया तीस हजार से भी अधिक है। दस हजार से अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं को चेतावनी जारी की गई है कि यदि समय पर बिल का भुगतान नहीं किया गया, तो विभाग ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन भी काट देगा।