कठुआ। कोरोना महामारी के चलते लगातार दूसरे वर्ष भी बनी और ढग्गर में ऐतिहासिक मेलों का आयोजन नहीं हो सका। रविवार को बनी में छिंज की परंपरा को निभाया गया, जिसमें पीर की मजार पर चादरपोशी के बाद परंपरा को निभाने मात्र के लिए दंगल के मुकाबले कराए गए। कोविड नियमों का पालन करते हुए बड़े आयोजन को टाल दिया गया था।
ज्ञात रहे कि बनी का ऐतिहासिक मेला, हिमाचल और जम्मू कश्मीर की संस्कृतियों का संगम माना जाता है। यहां दोनों ओर से कलाकार इस मेले की रौनक को बढ़ाते रहे हैं, और पंजाब, जम्मू कश्मीर और हिमाचल समेत उत्तर भारत के कई राज्यों से नामी पहलवान भी दंगल के लिए पहुंचते रहे हैं।