लोगेट मोड़ से गुजरती ओवरलोड मिनी बस। संवाद
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कठुआ। नवरात्र के दौरान मिनीबस और लोड कैरियर चालक निर्धारित संख्या से अधिक लोगों को बैठाकर मंदिरों तक पहुंचा रहे हैं। कई बस चालक लोगों को बस की छतों पर बैठाकर गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। वहीं, यातायात विभाग मौन साधे हुए है। कालीबड़ी चौक से लेकर कुमरी कठेरा रूट सहित राजबाग रूट पर भी ओवरलोड वाहनों को देखा जा सकता है। यातायात विभाग तमाशबीन बना हुआ है।
चैत्र नवरात्र पर जिला के देवी मंदिरों में पहुंचने के लिए उत्साहित श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ लगातार जारी है। मंदिर मार्गों पर चलने वाले यात्री वाहन इस अवसर पर अधिक रुपये कमाने के चक्कर में निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक सवारी बस में बैठाकर दौड़ रहे हैं। स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लिंग मार्गों पर चलने वाले इन वाहनों में सफर करने वाले यात्रियों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है।
कठुआ से माता बाला सुंदरी के भवन की ओर चलने वाली मिनी बसों में हालात ऐसे होते हैं कि जितने यात्री मिनी बसों के अंदर होते हैं, उससे कहीं अधिक छत और मिनी बस के पीछे उसके बंपर और सीढ़ियों में लटके होते हैं। कठुआ से चलने वाली इन मिनी बसों में कालीबड़ी तक तो कुछ हद तक गनीमत होती है, लेकिन इसके आगे का सफर मिनी बसों के चालकों की मनमर्जी से ही चल रहा है। वहीं ऐसे मौके का फायदा उठाते हुए इन लिंक मार्गों पर लोड कैरियर द्वारा भी सवारियों को ढोने की नई परंपरा शुरू हो गई है। जिसमें न तो सवारियों के बैठने का कोई प्रबंध होता है और न ही सुरक्षा की कोई गारंटी। हैरानी की बात यह है कि लगातार लोगों के जीवन से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए कोई प्रबंध नही किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह से देर रात तक ओवर लोड वाहन सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। इस बारे में कठुआ के राजीव गुप्ता का कहना है कि हर साल नवरात्र के दिनों में मंदिरों को जाने वाले मार्गों पर यात्रियों की संख्या बढ़ती है, जिससे प्रशासन भी अवगत है। नवरात्र से पहले होने वाली प्रशासन की बैठक के दौरान इस विषय पर चर्चा भी होती है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नही होती है। जिसके कारण लोगों की जिंदगी से खेलने वालों के हौसले बुलंद हैं और वह लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
मामले की जानकारी हुई है। शुक्रवार से इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों की जांच की जाएगी। अगर ओवरलोड वाहन मिलते हैं, तो यातायात नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - डीटीआई घनश्याम सिंह