मोहसिन निवासी सहारनपुर उज्ज दरिया में आई बाढ़ की जानकारी देते हुए। संवाद
- बाढ़ में बचाए गए श्रमिक बोले, एक पल तो लगा कि शायद यहीं तक था जिंदगी का सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अपने रौद्र रूप के लिए जाना जाने वाला उज्ज दरिया 11 जिंदगियों को मौत के काफी करीब से दर्शन करवा गया। दरिया के बीच चार घंटे तक 10 मजदूर और एक सिक्योरिटी गार्ड फंसे रहे। डर उनकी आंखों में साफ दिखाई दे रहा था। जलस्तर और बढ़ने के साथ ही उनके बचने की संभावना नहीं थी। लेकिन जान बचने पर वे खुद को खुशकिस्मत मान रहे हैं।
आभास नहीं था कि बाढ़ में घिर जाऊंगा
दरिया में देर रात फंसे मोहसिन ने बताया कि वो मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है। दो साल से कठुआ में काम कर रहा है और पुल पर सरिया बांधने का काम करता है। मौसम खराब था बारिश हो रही थी, लेकिन इतनी बारिश होगी कि उनकी जान पर बन आएगी यह उन्हें आभास नहीं था। मोहसिन ने बताया कि घने अंधेरे के बीच उन्हें पता भी नहीं चला कब वो दरिया में आई बाढ़ में घिर गए।
प्रार्थना करते रहे कि जलस्तर न बढ़े
शानू मलिक ने बताया कि वो भी सहारनपुर से यहां काम करने आए हैं। एक पल तो ऐसा लगा कि अब परिवार से दोबारा नहीं मिल पाएंगे। शायद जिंदगी का सफर यहीं तक था। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने बताया कि बारिश हो रही थी और दरिया का पानी बढ़ने का किसी को अंदाजा तक नहीं हुआ। बचाने के लिए आया सिक्योरिटी गार्ड भी खुद फंसकर रह गया। मदद पहुंचने के बाद आस थी कि बचा लिए जाएंगे लेकिन यह प्रार्थना भी कर रहे थे कि दरिया का जलस्तर न बढ़े।