कठुआ। जिले में खनन लीज धारकों को लाभ दिलाने मकसद से बड़े पैमाने पर फार्म-ए जारी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इन्हीं फार्म के जरिए कच्चा माल ढोने की अनुमति दी जाती है। इधर, जिले में खनन अधिकारी का तबादला हुए तीन सप्ताह बीतने के बाद भी पूर्व में जारी फार्म लगातार इस्तेमाल हो रहे हैं। हैरत की बात यह है कि विभाग को शिकायतें भी मिली हैं कि लीज धारक और स्टोन क्रशरों के पास दो जिलों के खनन अधिकारियों के हस्ताक्षर किए फार्म-ए भी उपलब्ध हैं। जिसके बाद नवनियुक्त जिला खनन अधिकारी ने मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए आदेश जारी किया है कि अब या तो एक सप्ताह के भीतर लीज धारकों को फार्म की खपत करनी होगी या फिर पूर्व में जारी फार्म एक सप्ताह बाद अवैध हो जाएंगे। जिसके बाद हड़कंप मचा है।
हुआ ये दो सप्ताह पूर्व ही मंडलायुक्त जम्मू डा. राघव लंगर ने एक बैठक में खनन विभाग और पुलिस को अवैध खनन रोकने के लिए निर्देश दिए हैं। साथ लीज वाले ब्लॉक का समय-समय पर दौरा करने और यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि लोगों से निर्माण सामग्री से अधिक दाम न वसूले जाएं। जिला उपायुक्त राहुल यादव के निर्देश के बाद जिला खनन विभाग भी पूरी तरह से सख्ती का मन बना चुका है। बीते सप्ताह ही रावी दरिया में अवैध खनन का भंडाफोड़ करते हुए दो बड़े एक्सकेवेटर जब्त किए गए हैं। उन पर लगभग 12 सौ मिट्रिक टन अवैध खनन का जुर्माना लगाया गया है।
जिला खनन अधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार उनके कार्यभार संभालने का तीन सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी पूर्व जिला खनन अधिकारी के हस्ताक्षर वाले फार्म पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं किए गए हैं। लिहाजा उन्हीं फार्म के आधार पर कच्चे और तैयार माल की सप्लाई की जा रही है।
वहीं दो जिलों के खनन अधिकारियों के हस्ताक्षर वाले फार्म-ए उपलब्ध होना और इस्तेमाल किया जाना विभाग के नियमों के खिलाफ है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए लीज धारकों और स्टोन क्रशर संचालकों को दो टूक निर्देश जारी किया है कि पूर्व जिला खनन अधिकारी के हस्ताक्षर वाले फार्म को एक सप्ताह के अंदर इस्तेमाल कर लें अन्यथा फार्म अवैध माने जाएंगे।
तय पैमाने से अधिक हो रहा खनन
जिले में सरकार की ओर से जारी की गई दस में सात ब्लॉक में लीज खनन सक्रिय है। लेकिन हालात यह हैं कि अधिकांश लीज में पांच साल के तय पैमाने से भी अधिक खनन छह महीने में ही पूरा कर लिया गया है। जहां जेसीबी से खनन की अनुमति रहती है वहां कई सौ मिट्रिक टन एक ही दिन में खनन करने वाले बड़े-बड़े एक्सकेवेटर प्राकृतिक संपदा को लूटने के लिए उतार दिए गए हैं। रावी दरिया में बेड़ियां पत्तन से लेकर कीड़ियां गंडियाल तक के इलाकों में दिन और रात के समय अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों की जानकारी के अनुसार सहार डाउनस्ट्रीम, रावी दरिया सहित कई अन्य जगह मशीनों की मदद से तय पैमाने से अधिक खनन किया गया है। उधर, खनन माफिया बसोहली और बनी के इलाकों में भी सक्रिय हैं। इन इलाकों में एक भी खनन लीज जारी नहीं हुई है, लेकिन इन इलाकों में धड़ल्ले से स्टोन क्रशर चल रहे हैं। बिलावर के भिनी में भी खनन माफिया सक्रिय हैं।