संवाद न्यूज़ एजेंसी
हीरानगर। त्योहारों के मौसम में बाजारों में मिठाइयों, फल-सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों की सेहत के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो और दुकानदार स्वच्छता व खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करें, इसे सुनिश्चित करने के लिए हीरानगर में प्रशासन ने बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, दुकानों में साफ-सफाई, पुराने सामान के रखरखाव और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए जा रहे गैस सिलेंडरों की भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 40 किलोग्राम खाने योग्य नहीं पाए गए फल-सब्जियों और मिठाइयों को नष्ट किया गया।
एसडीएम फुलैल सिंह के निर्देश पर नायब तहसीलदार सरताज सिंह ने बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि हीरानगर की मुख्य बाजार में जेडीओ कार्यालय के आसपास के दुकानों का निरीक्षण किया गया। यहां से टीम सुल्ताना चौक, तहसील कार्यालय के आसपास की दुकानों से होते हुए हीरानगर मोड़ तक पहुंची। इस दौरान करीब 20 से 25 दुकानों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान दुकानों में रखे खाद्य पदार्थों की स्थिति और उनकी गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया। खास तौर पर मिठाई की दुकानों में पुराने सामान, साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों को रखने के तरीके की जांच की गई। जहां मिठाइयां पुरानी पाई गईं या उन्हें उचित तरीके से नहीं रखा गया था, वहां दुकानदारों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके साथ ही दुकानों की स्वच्छता बनाए रखने और खराब खाद्य सामग्री को खुले में या दुकान के भीतर जमा करके न रखने के लिए भी जागरूक किया गया। नायब तहसीलदार सरताज सिंह
ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए चार नमूने लिए गए, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पांच दुकानदारों के चालान किए गए। टीम ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी।
निरीक्षण के दौरान खराब फल-सब्जियों और पुरानी मिठाइयों को भी हटवाया गया। कुल करीब 40 किलोग्राम ऐसी खाद्य सामग्री नष्ट की गईं।
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घरेलू सिलेंडरों के इस्तेमाल पर भी नजर
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ दुकानों की आंतरिक स्थिति और साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। विशेष रूप से मिठाई की दुकानों में काम करने की जगह, सामान रखने की व्यवस्था और स्वच्छता पर ध्यान दिया गया। इसके अलावा यह भी देखा गया कि दुकानों में खाना बनाने या अन्य व्यावसायिक कामों के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा। इस दाैरान खाद्य सुरक्षा विभाग के फूड इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह, नगरपालिका की टीम भी शामिल रही।