बिलावर में श्रीमद् भागवत कथा में पहुंचे भक्त स्रोत आयोजक।
पहले दिन कलश यात्रा निकाली जो राम मंदिर से शुरू होकर बिलावर के गुप्त गंगा गुरु नाल में पहुंची
बिलावर। देवल गांव के राम मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह की मंगलवार को शुरुआत हो गई। कथा के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई जो राम मंदिर से शुरू होकर बिलावर के गुप्त गंगा गुरु नाल में पहुंची।कलश यात्रा में शामिल लोग डमरु, ढोल, मंजीरे के साथ गांव की गलियों-चौराहों से होकर कथा स्थल पर पहुंचे।
महिलाओं ने कलश यात्रा के दौरान परिवारों की सुख-समृद्धि और रिद्धि सिद्धि के प्रतीक कलश को सिर पर रखकर यात्रा पूरी की। कथावाचक सुनील शास्त्री ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का प्रारंभ कलश यात्रा के बाद होता है कलश हमारे जीवन के हर क्षण में काम आता है। जन्म के समय भी कलश स्थापना की जाती है और मरने के समय भी कलश विसर्जित किया जाता है। कलश पर रखा नारियल इस बात की शिक्षा देता है कि परिवार के मुखिया को ऊपर से सख्त और अंदर से मुलायम होना चाहिए। कलश के ऊपर रखी जाने वाली माला संदेश देती है कि जिस प्रकार फूल महकता है उसी प्रकार मनुष्य का जीवन भी दूसरों को सुगंध देने वाला होना चाहिए। कथावाचक ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के सुनने मात्र से प्राणियों के द्वारा किए गए जीवन भर के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
बिलावर में श्रीमद् भागवत कथा में पहुंचे भक्त स्रोत आयोजक।