संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जीडीसी कठुआ के एनएसएस स्वयंसेवकों ने लोगेट गांव में जलाशय स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस दौरान तालाब पिरान (माता की तलाई) में तीस से अधिक स्वयंसेवकों ने सफाई अभियान चलाया। स्वयंसेवनों ने तालाब से कचरा एकत्र किया और उचित स्थान पर उसका निपटान किया।
इस इस दौरान वक्ताओं ने बताया कि तालाब का इस क्षेत्र में बहुत महत्व है। इस तालाब के पानी का उपयोग नहाने और कपड़े धोने के लिए किया जाता है। यह तालाब देवी सजोती माता के मंदिर के पास स्थित है। इस मंदिर में विशेष समुदाय की ओर से वार्षिक धार्मिक आयोजन किया जाता है। इसके अलावा इस तालाब का पानी जानवरों के पीने के लिए भी उपयोग किया जाता है। स्वच्छता अभियान चलाने के बाद स्वयंसेवकों ने इसके आसपास रहने वाले लोगों से भविष्य में भी स्वच्छता अभियान के लिए आगे आने की अपील की। स्वयंसेवकों ने लोगों को एक अक्तूबर के राष्ट्रव्यापी अभियान ''एक अक्तूबर, एक घंटे के लिए, सुबह दस बजे से, स्वच्छता के लिए करें श्रमदान'' में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया। सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जन आंदोलन उत्पन्न करने के उद्देश्य से श्रमदान गतिविधियों को शुरू करने के लिए हर साल 15 सितंबर से 2 अक्तूबर के दौरान अभियान आयोजित किया जाता है। स्वच्छता ही सेवा अभियान प्रिंसिपल प्रोफेसर सीमा मीर के संरक्षण और एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी प्रोफेसर मनमोहन सिंह, प्रोफेसर नेहा बंद्राल और डॉ.सुरेश शर्मा की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है।