नौ महीने से लिफ्ट सेवा का हो रहा इंतजार
कठुआ। जिला न्यायालय परिसर में न्याय की आस लेकर पहुंचने वाले फरियादियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आधुनिक सुविधाओं से तैयार दो मंजिला न्यायालय इमारत का उद्घाटन नौ महीने पहले तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर व लद्दाख की ओर से किया गया था। हैरत की बात है कि परिसर में स्थापित तीन लिफ्ट की सेवा अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा रोजाना सैकड़ों लोगों के साथ-साथ अधिवक्ता को भी भुगतना पड़ रहा है।
जिला अदालत में आने वाले फरियादियों और अधिवक्ताओं का कहना है इस दो मंजिला इमारत में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के मुताबिक तीन लिफ्ट भी स्थापित की गई है। मगर नौ माह बीतने के बाद भी लिफ्ट का चालू न होना सिर्फ और सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इमारत उद्घाटन के समय घोषणा की गई थी कि जल्द ही थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के बाद लिफ्ट चालू कर दी जाएगा। मगर पर्याप्त समय बीतने के बाद भी लिफ्ट को कार्यात्मक नहीं बनाया गया है। न्यायालय में पेशी के लिए आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और बीमार फरियादी सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर हैं। ऊपरी मंजिलों में स्थित अदालतों तक पहुंचने के लिए लंबी सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय कई लोगों का दम फूल जाता है।
बुजुर्गों का कहना है कि उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उनके लिए सीढ़ियां चढ़ना बेहद कठिन हो गया है, जबकि गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं और सीनियर अधिवक्ता को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वहीं, अधिवक्ताओं का भी कहना है कि रोजाना आने-जाने में उन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ती है, जिससे कामकाज पर असर पड़ रहा है।
30 करोड़ की राशि से बनकर तैयार हुआ न्यायालय परिसर
नई इमारत में पांच न्यायाधीशों के लिए अलग-अलग कोर्ट रूम व चैंबर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा महिला और पुरुष अधिवक्ताओं के लिए भी अलग-अलग बार रूम के अलावा तीन लिफ्टों का भी व्यवस्था की है। इसके अलावा परिसर में जजों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। जबकि अधिवक्ताओं के चैंबरों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जिसकी अगले वर्ष जनवरी तक समाप्त होने की संभावना है। वहीं, कोर्ट परिसर का निर्माण कार्य जम्मू-कश्मीर हाउसिंग बोर्ड द्वारा करवाया गया है।
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थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन होने में हो रही देरी के कारण लिफ्ट को चालू नहीं किया जा रहा है। लिफ्ट स्थापित करने वाले ठेकेदार को निर्देश दिए जा चुके है कि जल्द लिफ्ट को कार्यात्मक बनाया जाए। उम्मीद है कि कोर्ट परिसर में जल्द लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध होगी।
गौरव शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, जेके हाउसिंग बोर्ड जम्मू