बसोहली। बसोहली के रामलीला मैदान में पांचवे दिन श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन जारी रहा। कथावाचक सुभाष शास्त्री ने कहा कि सच्ची लगन एवं समर्पण बिना ईश्वर की प्राप्ति नहीं होती है।
शिव पुराण निस्वार्थ भाव से श्रवण करें तो जीवन का कल्याण हो सकता है,भगवान की पूजा निस्वार्थ भाव से करनी चाहिए तभी वह लाभकारी सिद्ध होती है। यदि हम सुख के दिनों में भी भगवान को याद करते हैं तो दुख कभी नहीं आता है। उन्होंने आगे कहा कि समय बदलते देर नहीं लगती है इसलिए सदैव विनम्र रहना चाहिए, उन्हें परमार्थ का कार्य करते रहना चाहिए। हम जो भी कार्य करें परमात्मा को समर्पित कर करे तो वह कार्य सफल सिद्ध होता है। अहंकार का भाव त्याग कर विनम्रता के भाव के साथ सेवा कार्य करें तो सफलता अवश्य मिलती है, अहंकार मात्र को छोड़ने से मनुष्य सरलता से प्रभु के चरणों मे पहुंच सकता है। इसलिए इस अभिमान, अहंकार से जितना शीघ्र हो सके खुद को मुक्त करा लें।