कटड़ा बारिश के दौरान श्रद्धालु बरसती व छाता लेकर आगे बढ़ते हुए संवाद
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बारिश के कारण भवन मार्ग पर जा रहे श्रद्धालुओं को कई स्थानों पर शेड और विश्राम स्थलों का लेना पड़ा सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। मौसम में शनिवार को आए अचानक बदलाव और तेज मूसलाधार बारिश के बावजूद माता वैष्णो देवी की यात्रा सुचारु रूप से जारी रही। सुबह से ही त्रिकुटा पर्वत और धर्मनगरी कटड़ा के आसपास घने बादलों का डेरा रहा। ठंडी हवाओं और हल्की बारिश ने मौसम को बेहद सुहावना बना दिया जिससे श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिली।
सुबह के समय शुरू हुई मूसलाधार बारिश दो से तीन घंटे तक रुक-रुक कर जारी रही। बारिश के कारण भवन मार्ग पर जा रहे श्रद्धालुओं को कई स्थानों पर शेड और विश्राम स्थलों का सहारा लेना पड़ा। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों का श्रद्धालुओं के उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ा। वे परिवार और मित्रों के साथ माता के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़ते रहे। खराब मौसम के चलते हेलिकॉप्टर सेवा दोपहर तक प्रभावित रही और उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से स्थगित रखा गया। मौसम में सुधार होने के बाद सेवाओं को पुन सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई। दोपहर बाद अचानक मौसम साफ हो गया और धूप निकलने से यात्रियों को राहत मिली। ठंडी हवाओं का सिलसिला दिनभर जारी रहा। इन दिनों माता वैष्णो देवी यात्रा में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। प्रतिदिन 38 हजार से 43 हजार के बीच श्रद्धालु धर्मनगरी कटड़ा पहुंच रहे हैं।
इसके चलते माता भवन परिसर तथा कटड़ा नगर में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। बाजारों, होटल परिसरों और यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल दिनभर देखने को मिली। श्रद्धालु यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर अपना पंजीकरण करवाकर और आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करने के बाद भवन की ओर रवाना होते रहे। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, पुलिस, सीआरपीएफ तथा आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी एवं जवान तैनात रहे। विभिन्न स्थानों पर यात्रियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी दिए जाते रहे। आंकड़ों के अनुसार 29 मई को 40,300 श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी। वहीं शनिवार शाम पांच बजे तक लगभग 30 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। देर शाम तक श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी रहा।