बनी। क्षेत्र में आई अचानक बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज बारिश के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने खेतों में खड़ी फसलों के साथ-साथ फलदार पेड़ों को भी बुरी तरह प्रभावित किया। सेब, अखरोट, नाशपाती समेत अन्य फलों की फसल जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई पेड़ों की टहनियां टूट गईं और बागानों में तैयार हो रही फसल बर्बाद हो गई।
डुग्गन के स्थानीय किसान मनजीत सिंह ने बताया कि इस ओलावृष्टि ने हमारी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। फलदार पेड़ों पर लगे अधिकतर फल गिर गए हैं, जिससे हमें भारी नुकसान हुआ है। जिला बागवानी अधिकारी मोहम्मद शकील ने जानकारी देते हुए बताया कि ओलावृष्टि से घायल पौधों की सेहत पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस समय फलों की शुरुआती स्टेज चल रही है और फल तैयार हो रहे थे, लेकिन ओलों के कारण फलों पर दाग लग गए जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित होगी। उन्होंने किसानों के लिए अपील करते हुए कहा कि जैसे ही मौसम साफ हो, फसलों और पेड़ों की बेहतर सेहत और ग्रोथ के लिए फर्टिलाइजर और फंगीसाइड का छिड़काव करना जरूरी है। इससे पौधों को दोबारा संभलने में मदद मिलेगी। मोहम्मद शकील ने यह भी बताया कि विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नुकसान का सर्वे करें, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जा सके।