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Kathua News: देनदारी बकाया, ठेकेदार नाराज

Wed, 13 May 2026 02:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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ठेकेदारों ने बकायादारी को लेकर किया प्रदर्शन - फोटो : Samvad
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जिले में जेजेएम की 90 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि बकाया
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ढाई साल से दस्तावेज में ही आगे बढ़ रहा योजना का नाम
ठेकेदार बोले- पेयजल आपूर्ति से जुड़े 80 फीसदी कार्य पूरे

संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। जिले में जल जीवन मिशन (जेजेएम) अब बकायादारी का मिशन बनकर रह गया है। परियोजना के तहत हुए विभिन्न कार्यों को लेकर जिले में 90 करोड़ से ज्यादा की बकायादारी बनी हुई है। इससे ठेकेदारों में नाराजगी है। हैरत की बात है कि पिछले ढाई साल से योजना का नाम सरकारी दस्तावेजों में ही आगे बढ़ रहा है।

मंगलवार को जलशक्ति विभाग के कार्यालय के बाहर ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं के 90 करोड़ के ज्यादा की राशि का भुगतान करने की मांग की। ठेकेदार साहब सिंह का कहना है कि वे बैंकों से ली गई करोड़ों की राशि के बोझ के तले दब चुके हंै। इसके बदले उन्हें हर माह लाखों की राशि ब्याज के रूप में बैंकों को चुकानी पड़ रही है। जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत गांव-गांव में पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक निर्माण और पेयजल आपूर्ति से जुड़े 80 फीसदी कार्य पूरे कर लिए हैं। संबंधित विभाग ने ढाई साल से उनका लंबित भुगतान नहीं किया है।
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ठेकेदार पुरुषोत्तम सिंह ने जलशक्ति विभाग से सीडीआर की राशि ही दे दी जाए ताकि वे मजदूर के बकाया राशि का भुगतान कर सके। ठेकेदार नरेश शर्मा ने बताया कि बकाया राशि जारी न होने से ग्रामीण इलाकों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पहले से स्थापित ट्यूबवेल का जल स्तर नीचे जा चुका है और नए सरकार की नाकामी के कारण शुरू नहीं हो पा रहे हैं।

इससे ग्रामीण परेशान हैं लेकिन सरकार है कि ठेकेदारों का देनदारी का निपटारा नहीं कर पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आगामी शुक्रवार को ठेकेदार एक और बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं जिसमें जिले भर के सभी ठेकेदार एक मंच पर इकट्ठे होंगे।
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जीआई की जगह एचडीपी पाइप लगाने का मामला

ठेकेदारों ने सरकार से लोहे की जीआई पाइपों के स्थान पर एचडीपी पाइप लगाए जाने को लेकर संदेह पर इसकी निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने वही सामग्री और पाइप उपयोग किए जो संबंधित विभाग ने उपलब्ध कराए या स्वीकृत किए थे। यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसके लिए ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि लंबित भुगतान जल्द जारी किया जाए ताकि मजदूर और आपूर्तिकर्ताओं के बकाया का निपटारा कर सकें।
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