कोर्ट की सुनवाई खत्म होने तक जारी रहेगी न्यायिक हिरासत की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में दोषी पर 13,000 रुपये जुर्माना लगाया है और सुनवाई खत्म होने तक न्यायिक हिरासत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला आरोपी के अपराध स्वीकार करने के बाद सुनाया है।
पिछले साल राजबाग पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर लक्ष्य बडयाल की अदालत में 29 दिसंबर 2025 को चालान दायर किया था। इसमें पुलिस ने आरोपी कुलदीप सिंह खेड़ा निवासी माजरा जट्टा नवांशहर पंजाब पर लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने बीएनएस की धारा 281 (रैश ड्राइविंग), 125-ए (लोगों की जान खतरे में डालने) और 125-बी (गंभीर चोटें पहुंचाने) के तहत आरोप तय किए थे। गत 10 अप्रैल को सुनवाई के दौरान आरोपी ने वकील की मदद से स्वीकारोक्ति आवेदन देकर अपराध स्वीकार करने का आग्रह किया।
कोर्ट ने आरोपी को बताया कि वह अपराध को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। इसके बाद आरोपी को बयान पर दोबारा विचार करने का पर्याप्त समय दिया लेकिन वह बयान पर अड़ा रहा। कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उस पर बीएनएस की धारा 281 के तहत 1,000 रुपये, 125(ए) के तहत 2,000 रुपये और 125-बी के तहत 10,000 रुपये जुर्माना लगाया। साथ ही कोर्ट सुनवाई खत्म होने तक न्यायिक हिरासत में भेजने की सजा सुनाई। दोषी ने मौके पर ही जुर्माने की राशि कोर्ट में जमा कर दी। इसके बाद कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया।