संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत ने सड़क दुर्घटना से जुड़े मामले में दोषी को पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में आरोपी के अपराध स्वीकार करने के बाद सुनाया है।
जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट पूनम गुप्ता की अदालत में दायर चालान के अनुसार सड़क दुर्घटना का मामला साल 2024 का है। इसमें आरोपी संदीप सिंह निवासी मुकंदपुर पर आरोप था कि वह सड़क दुर्घटना के दिन वाहन को लापरवाही और तेज गति से चला रहा था जिसके परिणामस्वरूप आरोपी के वाहन से दो लोग अशोक कुमार और सुमन बाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 (रैश ड्राइविंग) 337, 338 (रैश ड्राइविंग से किसी को चोट पहुंचाना) और 3/181 एमबी एक्ट (बिना लाइसेंस वाहन चलाना) के तहत एफआईआर कर मामले में चालान को 6 सितंबर 2024 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
9 मार्च को कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी और पीड़ित अशोक कुमार और सुमन बाला संयुक्त आवेदन दायर कर न्यायाधीश को बताया कि दोनों पक्षों ने सहमति से कोर्ट के बाहर समझौता कर लिया है और वे अब मामले को समाप्त करना चाहते हैं। इसके बाद अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 337 और 338 के तहत समझौते को स्वीकार करते हुए आरोपी को इन धाराओं से बरी कर दिया। धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) गैर-समझौतायोग्य होने के कारण आरोपी ने कोर्ट में स्वयं अपराध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने उसे दोषी मानते हुए उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें एक रुपये की राशि आरोपी को रैश ड्राइविंग के लिए, एक हजार रुपये की राशि किसी की जान खतरे में डालने के लिए और तीन हजार की राशि बिना लाइसेंस के वाहन चलाने के लिए लगाया गया। दोषी ने जुर्माने की राशि को मौके पर ही अदालत में जमा कर दिया जिसके बाद कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया।