स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू करेंगी लोकार्पण, 10 साल से डिस्पेंसरी की इमारत में चल रही थी पीएचसी
आसपास के छह गांवों की 15 हजार आबादी को मिल सकेंगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। एक दशक पहले शुरू हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खरोट का निर्माण कार्य आखिरकार पूरा हो गया है। 1.78 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पीएचसी की नई इमारत को बुधवार को लोगों को समर्पित किया जाएगा। इसका लोकार्पण स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू करेंगी। इससे आसपास के छह गांवों की 15 हजार आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार नई एक मंजिला पीएचसी इमारत में फार्मेसी, टीकाकरण, इमरजेंसी, आयुष और डेंटल सेवाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। इसके शुरू होने से खरोट पंचायत के अलावा पडयारी, पुराना पिंड, परातां, महरोली, कलसपुर और मेहताबपुर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार साल 2016 में इस इमारत का निर्माण कार्य शुरू हुआ था जिसे वर्ष 2020 तक लगभग पूरा कर लिया था। इसके बावजूद यहां मरीजों का इलाज शुरू नहीं हो सका।
कोरोना महामारी के दौरान जिला प्रशासन ने इस इमारत को क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया था। इस दौरान यहां रखे गए कोरोना संक्रमित मरीजों के कारण इमारत को काफी नुकसान पहुंचा। खिड़कियों, दरवाजों और बिजली के सामान को भी क्षति हुई जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग को बाद में 20 लाख रुपये खर्च कर मरम्मत कार्य करवाना पड़ा। अब मरम्मत और अन्य व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद इस पीएचसी को जनता के लिए शुरू किया जा रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों को घर के बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
साल 2014 में हेल्थ सेंटर से पीएचसी अपग्रेड करने की थी घोषणा
साल 2007 में तत्कालीन सरकार पीडीपी-कांग्रेस ने जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक मॉडल विलेज बनाने की घोषणा की थी। इसमें खरोट गांव को भी शामिल किया गया था। इसी मॉडल विलेज की योजना को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2014 में इस गांव के हेल्थ सेंटर को अपग्रेड कर पीएचसी बनाया गया था। दस साल बीतने के बाद अब पीएचसी को अपनी इमारत मिलने जा रही है। अब तक यह पीएचसी हेल्थ सेंटर के तीन से चार कमरों से ही संचालित हो रही थी जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नई इमारत शुरू होने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होने की उम्मीद है।