अदालत ने सभी आरोपियों के जमानती व व्यक्तिगत बांड को खारिज करने का सुनाया फैसला
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने मारपीट व घर में घुसपैठ के चार साल पुराने मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने यह फैसला दो पक्षों के बीच आपसी समझौते के आधार पर सुनाया है। आदेश के अनुसार पीड़ित ने बिना किसी दबाव से स्वेच्छा से बयान दर्ज करवा कर मामला खत्म करने की इच्छा जाहिर की गई। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों के जमानती व व्यक्तिगत बांड को खारिज कर बरी करने का फैसला सुनाया गया।
कोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार वर्ष 2021 का हीरानगर थाना के अंतर्गत क्षेत्र करवाल गांव का है। इसमें शिकायतकर्ता पंकज शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ पी़ड़ित के घर में घुसपैठ कर उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने चार आरोपी गौतम वर्मा निवासी परखवाल और अजय कुमार, साहिल कुमार व अश्विनी कुमार तीनों निवासी किशनपुर कंडी के खिलाफ आईपीसी की धारा 452/323/34 के तहत मामला दर्ज कर मामले में चालान 28 मई 2022 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था। आरोपी के खिलाफ आरोप 22 अप्रैल 2025 को तय किए गए थे। इसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाए जाने की वकालत की गई। बीती 10 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता और सभी आरोपियों ने अदालत में संयुक्त रूप से आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उन्होंने आपसी सहमति से विवाद का निपटारा कर लिया है और अब वे इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। शिकायतकर्ता ने कहा कि समझौता उन्होंने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से किया है। इसके बाद अदालत ने कहा कि जिन धाराओं में मामला दर्ज था वे कानूनन समझौता योग्य हैं। शिकायतकर्ता के बयान और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर अदालत ने समझौते की अनुमति प्रदान करते हुए मामला समाप्त कर सभी आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया गया।