कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलने से हुई दुर्घटना मामले में दोषी पर 2500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। आदेश के अनुसार यह सजा आरोपी के अपराध स्वीकार करने के बाद सुनाई गई है। उसने जुर्माने की राशि मौके पर ही कोर्ट में अदा कर दी। इसके बाद कोर्ट ने मामले में दायर चालान का निपटान कर दिया गया। कोर्ट में दायर स्वीकारोक्ति बयान के अनुसार दुर्घटना का मामला वर्ष 2019 का हीरानगर थाना क्षेत्र का है। इसमें आरोपी सुरजीत कुमार पुत्र राम दास निवासी बाड़ी ब्राह्मणा पर आरोप था कि दुर्घटना के दिन वह वाहन को लापरवाही से चला रहा था।
इसके बाद हीरानगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 337 और 338 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ चालान को कोर्ट में 23 अगस्त 2019 को प्रस्तुत किया गया था। बीते 10 जनवरी 2026 को कोर्ट सुनवाई के दौरान आरोपी ने स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाने के लिए आवेदन दिया। इसकी सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को बताया कि वह स्वीकारोक्ति बयान दर्ज करवाने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है।
लिहाजा कोर्ट ने आरोप को अपने बयान पर विचार करने के लिए पर्याप्त समय दिया लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा। इसके बाद न्यायाधीश ने आरोपी को बयान दर्ज करवाने के बाद उसे दोषी करार देते हुए उस पर 2500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसमें कोर्ट ने लापरवाही से वाहन चलाने के लिए आईपीसी की धारा 279 के तहत एक हजार का जुर्माना जबकि धारा 337 के तहत 500 रुपये और धारा 338 के तहत एक हजार रुपये की जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसे उसने मौके पर ही अदा कर दिया और मामले का निपटारा कर दिया गया।