संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के पहाड़ी शिक्षा जोन मल्हार शिक्षा स्थिति बेहद चिंताजनक है। शिक्षा जोन की छह राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में 65 फीसदी व्याख्याताओं के पद खाली पड़े हैं। सबसे ज्यादा विद्यार्थियों की पढ़ाई हायर सेकेंडरी स्कूल मल्हार की प्रभावित हो रही है। इसमें स्वीकृत 11 पदों में से 10 रिक्त पड़े हुए हैं।
यही स्थिति हायर सेकेंडरी स्कूल मच्छेडी की है जहां 14 में से 11 पदों पर व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं हुई है। इसका सीधा असर विषय विशेष के विद्यार्थियों पर पढ़ रहा है। इनका बिना लेक्चर के ही पाठ्यक्रम पूरा करवा दिया जाता है। जानकारी के अनुसार इन हायर सेकेंडरी स्कूलों में सबसे ज्यादा प्रभावित साइंस विषयों के विद्यार्थी हो रहे हैं। ज्यादातर स्कूलों में भौतिकी, गणित, रसायन विज्ञान, प्राणीशास्त्र, वनस्पति विज्ञान के अलावा अंग्रेजी विषयों के लेक्चर की सबसे कमी है।
इन छह शिक्षा जोन में कुल 73 व्याख्याताओं के पद स्वीकृत है। इसमें से वर्तमान में 48 पद खाली पड़े हुए हैं। इन विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से अस्थायी तौर पर क्लस्टर के स्कूलों से स्नातकोत्तर शिक्षकों को अस्थायी तौर पर हायर सेकेंडरी में तैनात कर विषय विशेष का पाठ्यक्रम पूरा करवाया जाता है। पहाड़ी शिक्षा जोन जहां पहले से ही स्कूल स्तर पर शिक्षकों की भारी कमी है।
वहीं से स्नातकोत्तर शिक्षकों को हायर सेकेंडरी स्कूल में अस्थाई तौर पर तैनात कर पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसका सीधा असर स्कूली शिक्षा पर पढ़ रहा है। शिक्षा जोन मल्हार में एक भी निजी हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं है। इस कारण सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का पंजीकरण मैदानी और शहरी स्कूलों से ज्यादा होता है। लेकिन व्याख्याताओं की तैनाती न होने से इन्हीं हायर सेकेंडरी स्कूल की परीक्षा परिणाम सबसे कम आते हंै।