कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने दो साल पुराने पशु तस्करी और जिला मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना मामले में दोषी को ढाई सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आदेश के अनुसार दोषी को आरपीसी की धारा 188 के तहत अपराध के लिए 200 रुपये का जुर्माना और पीसीए अधिनियम की धारा 3 के तहत अपराध के लिए 50 रुपये का जुर्माना और न्यायालय उठने तक कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार आरोपी मसकीन निवासी रामनगर वर्तमान में हरिया चक को कठुआ पुलिस ने वर्ष 2022 में पशु तस्करी और जिला मजिस्ट्रेट के आदेश की अवहेलना करने के आरोप में गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की थी। कोर्ट सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने वकील के माध्यम से अपराध की स्वीकारोक्ति दर्ज करने के लिए आवेदन दिया। इसके बाद न्यायालय को अभियुक्त को अपराध के विवरण के बारे में विस्तार से बताया और उसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। कोर्ट ने अभियुक्त को बताया कि वह बयान देने के लिए बाध्य नहीं है और यदि वह ऐसा करता है तो इसका फैसला उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद भी आरोपी अपने बयान दर्ज करवाने के लिए अड़ा रहा और अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए ढाई सौ रुपये जुर्माना सहित कोर्ट के उठने तक की सजा सुनाई गई।