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Kathua News: कृष्ण-रुक्मिणी की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर

Thu, 07 May 2026 02:05 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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फिंतर गांव के शिव मंदिर में पिछले 6 दिनों से श्रीमद् भागवत कथा जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। फिंतर गांव के शिव मंदिर में पिछले 6 दिनों से श्रीमद् भागवत कथा जारी है। इसमें बुधवार को कथावाचक सोमनाथ शास्त्री ने पंडाल में पहुंचे श्रद्धालुओं को कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया।
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के साथ हमेशा देवी राधा का नाम आता है। भगवान कृष्ण ने लीलाओं में यह भी दिखाया था कि श्री राधा और वह दो नहीं एक ही हैं। देवी राधा के बाद भगवान श्री कृष्ण की प्रिया देवी रुक्मिणी हुईं। देवी रुक्मिणी और श्री कृष्ण के बीच प्रेम कैसा हुआ इसकी बड़ी अनोखी कहानी है। कथावाचक ने कहा कि इस कहानी से प्रेम की नई परंपरा की शुरुआत हुई। देवी रुक्मिणी विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थी। रुक्मिणी अपनी बुद्धिमता अपने न्याय प्रिय व्यवहार के लिए प्रसिद्ध थीं। देवी रुक्मिणी का पूरा बचपन श्री कृष्ण के साहस और वीरता की कहानियां सुनते हुए बीता था जब वह विवाह की उम्र की हुई तो इनके लिए कई रिश्ते आए लेकिन उन्होंने सभी को मना कर दिया। बाद में रुक्मिणी का श्री कृष्ण से विवाह हुआ। कथा के दौरान भगवान कृष्ण के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। छठे दिन की कथा का समापन श्री कृष्ण की आरती के साथ किया गया।
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शिव मंदिर परिसर में हुई मूर्तियों की स्थापना
श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के दौरान शिव मंदिर फिंतर में बुधवार को महात्मा पूर्ण गिरी, धर्मराज और चित्रगुप्त की मूर्तियों की स्थापना की गई। विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ विधि तरीके से मूर्तियों की स्थापना करवाई। मंदिर के महंत सत्यम गिरी ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का समापन वीरवार को होगा इस दौरान विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से चढ़कर भाग लेने और पुण्य का भागीदार बनने का आह्वान किया।
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