अस्पताल में पंजीकरण काउंटर बंद मिलने से दिनभर हंगामा करते रहे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठुआ/बिलावर। ढाई दिन के वेतन और भर्ती नीति को लेकर चल रही स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल ने अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से ठप कर दी थी। अब स्वास्थ्य कर्मियों के काम पर लाैटने से ओपीडी में डाॅक्टरी परामर्श मिलना शुरू हो जाएगा।
अस्पताल में पंजीकरण काउंटर बंद मिलने से परिजन दिनभर हंगामा करते रहे। सुबह जब लोग उपचार के लिए जीएमसी पहुंचे तो पंजीकरण काउंटर बंद मिला। इससे निराश होकर कुछ महिलाएं धरना स्थल पर गईं और स्वास्थ्य कर्मियों पर सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप लगाया। नीरज मलागर ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया तो महिलाओं ने भी सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
इस बीच कुछ लोग अस्पताल में ठप पड़ी ओपीडी की समस्या को लेकर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज नागपाल से मिले और इलाज की सुविधा देने की मांग की। अधीक्षक ने उन्हें हड़ताल की जानकारी देते हुए इमरजेंसी ब्लॉक में जाने को कहा लेकिन लोगों का आरोप है कि इमरजेंसी ब्लॉक में केवल गंभीर मरीजों को ही उपचार दिया जा रहा है। ऐसे में दूर-दराज से आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
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पिछले माह खेलते समय गिरने से बच्चे के पैर में फ्रैक्चर हुआ था तब जीएमसी में उपचार देकर घर भेजा दिया था और 15 दिन के बाद दोबारा जांच के लिए बुलाया था। 15 दिन के बाद यहां आने पर पता चला कि हड़ताल है। ऐसे में घर जाना पड़ रहा है। अब हड़ताल के खत्म होने पर आना पड़ेगा।
सोमा देवी, कल्याणपुर
हृदय रोग के उपचार के लिए बसोहली से कठुआ आया था लेकिन यहां हड़ताल के कारण ओपीडी सेवा बंद है। अब बिना उपचार के घर वापस जाना संभव नहीं है। दोपहर बाद निजी क्लीनिक में जाकर वापस घर जाना पड़ेगा। इसमें समय व अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा।
- देस राज, बसोहली
पिछले सप्ताह शुक्रवार को हड़ताल के चलते बिना इलाज वापस घर जाना पड़ा था और आज भी वही स्थिति है। इमरजेंसी सेवा में विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवाएं नहीं मिल रही हैं। सरकारी संस्थान में आने का उद्देश्य यह होता है कि यहां मिलने वाला उपचार सस्ता है लेकिन जिस तरह से बार-बार आना पड़ रहा है उससे समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
- त्रिशला देवी, दियालाचक
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जीएमसी में आने वाले मरीजों को उपचार सुविधा देने लिए इमरजेंसी ब्लॉक तो चल रहा है लेकिन जिन मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह व जांच की सुविधा लेनी है उन्हें दरबदर होना पड़ रहा है। इमरजेंसी ब्लॉक में नेत्र चिकित्सा की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में आंखों के उपचार के लिए आने वाले मरीजों को वापस जाना पड़ रहा है।
- गीता देवी, कठुआ
गीता देवी निवासी कठुआ- फोटो : paragwal news
गीता देवी निवासी कठुआ- फोटो : paragwal news
गीता देवी निवासी कठुआ- फोटो : paragwal news
गीता देवी निवासी कठुआ- फोटो : paragwal news