डीजीजीआई रिपोर्ट ने खोली कठुआ की कमजोरियां, शिक्षा और उद्योग पर ध्यान जरूरी
वर्ष 2024-25 का जिला सुशासन सूचकांक (डीजीजीआई) 5.0 जारी, कठुआ प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। प्रदेश स्तर पर विभिन्न पैमानों पर तैयार जिला सुशासन सूचकांक (डीजीजीआई) 5.0 में कठुआ जिला बुरी तरह से पिछड़ गया है। प्रदेश के बीस जिलों में यह आखिरी स्थान पर रहा । पिछले संस्करण में जिला 17वें स्थान पर था। रिपोर्ट में शिक्षा और औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं, जबकि सामाजिक कल्याण और पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए गए हैं। हैरत की बात है कि प्रमुख और चुनौतीपूर्ण घटकों में पर्यावरण और नागरिक केंद्रित शासन में भी कठुआ जिला प्रशासन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।
हालांकि समग्र रैंकिंग में गिरावट आई है, लेकिन कठुआ ने सार्वजनिक अवसंरचना, स्वास्थ्य, विधि एवं जन सुरक्षा तथा पर्यावरण क्षेत्रों में सुधार दिखाया है। विशेष रूप से सामाजिक कल्याण एवं विकास क्षेत्र में जिले ने अच्छा प्रदर्शन किया है और तीसरा स्थान हासिल किया है। मनरेगा के तहत रोजगार सृजन, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में बेहतर परिणाम मिले हैं। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में कठुआ 14वें स्थान पर रहा। दूध उत्पादन में यह जिला दूसरे स्थान पर रहा, लेकिन बागवानी और फसल बीमा में पिछड़ गया। औद्योगिक क्षेत्र में कठुआ 10वें स्थान पर रहा, जहा स्वरोजगार योजनाओं के लिए ऋण वितरण में मजबूती दिखी, लेकिन एमएसएमई पंजीकरण और जीएसटी प्रतिष्ठानों की संख्या कम रही।
मानव संसाधन विकास में कठुआ 18वें स्थान पर रहा, जहां लैंगिक समानता, विद्यालय सुविधाएं और छात्रों की निरंतरता जैसी चुनौतियां सामने आईं। सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी जिला 18वें स्थान पर रहा, हालांकि संस्थागत प्रसव और आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड वितरण में सुधार दर्ज किया गया। सकारात्मक पक्ष यह है कि कठुआ ने विधि एवं जन सुरक्षा में 7वां स्थान हासिल किया और महिलाओं के खिलाफ अपराध तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की। पर्यावरण क्षेत्र में 0.9506 अंक के साथ कठुआ सामान्य स्तर का प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहा, जहां वन क्षेत्र और जल निकायों का संरक्षण भी शामिल रहा है। डीजीजीआई 5.0 की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि कठुआ को शिक्षा और औद्योगिक विकास में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, जबकि सामाजिक कल्याण और पर्यावरणीय स्थिरता में अपनी ताकत को और मजबूत करना होगा।